भारत और न्यूजीलैंड के बीच सोमवार को फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर मुहर लग गई। इस ऐतिहासिक समझौते की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन की मुलाकात के बाद की गई। यह डील दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों को नई ऊंचाई देने वाली मानी जा रही है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इसे भारत के लिए बड़ी कूटनीतिक और आर्थिक जीत बताया है।
तीसरा बड़ा FTA, भारत की बढ़ती ताकत
भारत ने इसी साल पहले यूके और ओमान के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट किया था और अब न्यूजीलैंड के साथ यह तीसरा बड़ा समझौता है। इससे साफ है कि भारत वैश्विक व्यापार में तेजी से मजबूत खिलाड़ी बनकर उभर रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि अगले 5 सालों में भारत–न्यूजीलैंड के बीच द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना किया जाए।
भारतीय निर्यातकों को सबसे बड़ा फायदा
इस FTA के तहत भारत को न्यूजीलैंड के बाजार में 100 प्रतिशत ड्यूटी-फ्री एक्सेस मिलेगा। यानी भारत से न्यूजीलैंड भेजे जाने वाले सामान पर अब कोई कस्टम ड्यूटी नहीं लगेगी। इससे भारतीय निर्यातकों को सीधा फायदा होगा और उनके उत्पाद वहां और सस्ते व प्रतिस्पर्धी बनेंगे।
किन सेक्टरों को मिलेगा सीधा लाभ
इस ट्रेड डील से भारत के कई सेक्टर चमकने वाले हैं। खासतौर पर
- टेक्सटाइल और गारमेंट्स
- लेदर और फुटवियर
- जेम्स एंड ज्वेलरी
- हस्तशिल्प और हैंडीक्राफ्ट
- मरीन प्रोडक्ट्स और ऑटोमोबाइल
इसके अलावा इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी, फार्मा और केमिकल्स सेक्टर की कंपनियों को भी नए मौके मिलेंगे।
Read Also:गोवा जिला पंचायत चुनाव में BJP की ऐतिहासिक जीत, PM मोदी ने NDA कार्यकर्ताओं को दी बधाई
रोजगार और निवेश को मिलेगा बूस्ट
FTA का असर सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं रहेगा। इससे भारत में नए निवेश, रोजगार के अवसर और स्टार्टअप्स को एक्सपोर्ट का रास्ता मिलेगा। MSME सेक्टर को खास फायदा होने की उम्मीद है। साथ ही न्यूजीलैंड की कंपनियों के लिए भी भारत का बड़ा बाजार और मैन्युफैक्चरिंग हब आकर्षण का केंद्र बनेगा।





