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22 लाख की ठगी: बुजुर्ग महिला को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर ठगा, आरोपी राजस्थान से गिरफ्तार

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भिलाई/रायपुर।

छत्तीसगढ़ के भिलाई में डिजिटल ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र में रहने वाली सेवानिवृत्त नर्सिंग डिप्टी सुपरिटेंडेंट सुभाषिनी जैस के साथ 22 लाख की ठगी की गई। आरोपियों ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाया और उन्हें करोड़ों की हवाला राशि से जुड़े झूठे केस में फंसाने की धमकी दी।

डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर ट्रांसफर कराए 22 लाख
ठगों ने WhatsApp कॉल के जरिए संपर्क किया और कहा कि उनके खाते में 6.80 करोड़ की हवाला राशि जमा हुई है। मुंबई क्राइम ब्रांच में इनवेस्टिगेशन चल रही है और उन्हें तुरंत सहयोग करना होगा। इसी झांसे में आकर पीड़िता ने अपनी 22 लाख की एफडी तुड़वाकर आरोपियों द्वारा बताए गए अकाउंट (100272165329) में RTGS के जरिए पैसे ट्रांसफर कर दिए।

ऐसे खुला ठगी का मामला
जब आरोपियों ने दूसरी एफडी तुड़वाने के लिए दबाव बनाया और एक गवाह की आवश्यकता पड़ी, तब पीड़िता ने अपनी बहन के बेटे प्रतुल दास को बुलाया। उसने बात कर सच्चाई भांप ली और तुरंत थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए बड़ी रकम को होल्ड करा लिया।

मुख्य आरोपी अजय जुनवाला राजस्थान से गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी अजय जुनवाला को राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपी आकाश और राहुल अभी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।

दूसरा मामला: महिला समूह से 15 लाख की ठगी, पूरा परिवार गिरफ्तार
सुपेला थाना क्षेत्र में भी एक बड़ा धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोपी पति-पत्नी ने अपनी बेटी और दामाद के साथ मिलकर महिला समूहों को लोन दिलाने के नाम पर धोखा दिया।

झांसे में आई घरेलू महिलाएं
आरोपी नेमा गोस्वामी, ईश्वरी गोस्वामी, योगिता गोस्वामी और भरत गोस्वामी ने रेशमे आवास क्षेत्र की कम पढ़ी-लिखी महिलाओं को कम ब्याज पर लोन दिलाने का झांसा दिया। महिलाओं के नाम से स्मॉल बैंक फाइनेंस में खाते खुलवाकर उन्होंने 15 लाख रुपए का लोन ले लिया।

बीमारी का बहाना, पैसे हड़पने की साजिश
जब महिलाओं ने पैसे की मांग की तो आरोपियों ने बीमारी का बहाना बनाकर टालमटोल किया। लंबे समय तक पैसे नहीं लौटाने पर पीड़ित महिलाओं ने शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने योगिता और भरत गोस्वामी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिससे पूरे गिरोह का खुलासा हुआ।

जेल भेजे गए सभी आरोपी
आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 318(4) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया गया। चारों आरोपी—नेमा, ईश्वरी, योगिता और भरत—को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

सावधानी ही सुरक्षा
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल या संदेश से सतर्क रहें। किसी भी संदिग्ध परिस्थिति में तुरंत नजदीकी थाने में रिपोर्ट करें ताकि समय रहते साइबर ठगों को रोका जा सके।

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