खबरवाणी
साईंखेड़ा में गन्ने के कचरे में आग से मचा हड़कंप, ग्रामीणों ने प्रशासन को सौंपा आवेदन
कंपनी की लापरवाही से बड़ी अनहोनी की आशंका, जांच की मांग
साईंखेड़ा।
ग्राम साईंखेड़ा में एक आईटीसी कंपनी द्वारा रखे गए गन्ने के कचरे में आग लगने की गंभीर घटना सामने आई है। यह आग राहुल साहू के खेत में, गोलू मांकोड़े के घर के समीप रखे लगभग तीन ट्रक गन्ने के कचरे में लगी। घटना को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन को आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई है और भविष्य में बड़ी अनहोनी की आशंका जताई है।
ग्रामीणों के अनुसार आग सुबह से लगी हुई थी और शाम करीब 5 बजे तक लगातार जलती रही, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि इतने लंबे समय तक कंपनी का कोई भी कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। ग्रामीणों द्वारा बार-बार सूचना देने के बावजूद कंपनी की ओर से कोई जिम्मेदार मौजूद नहीं हुआ। इस दौरान गांव के कुछ नेता कंपनी का पक्ष लेते हुए नजर आए, जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।
आवेदन में उल्लेख किया गया है कि आग इतनी तेजी से फैल रही थी कि आसपास के घरों और खेतों को नुकसान पहुंचने का खतरा बन गया था। ग्रामीणों की तत्परता और साहस से आग पर काबू पाया गया, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन स्थिति अत्यंत भयावह हो सकती थी।
ग्रामीणों ने आवेदन में यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई कंपनी गांव या निजी भूमि पर ज्वलनशील कचरा या डस्ट रखती है, तो उसकी सुरक्षा, निगरानी और नियमित निरीक्षण की पूरी जिम्मेदारी कंपनी की होती है। इस मामले में घोर लापरवाही सामने आई है, जो भविष्य में बड़े हादसे का कारण बन सकती है
फरियादी राहुल साहू ने बताया—
“मुझे न तो गन्ने का कचरा रखने की कोई जानकारी दी गई थी और न ही मेरी अनुमति ली गई। सुबह ग्रामीणों से आग लगने की सूचना मिली, तब मुझे इस पूरे मामले का पता चला।”
सरपंच साईंखेड़ा हेमराज बबलू गावंडे ने कहा—
“मैं सुबह करीब 7 बजे मौके पर पहुंचा था। जो गन्ने का कचरा नहीं जला था, उसे तुरंत हटवाया गया। आग फैल रही थी, जिसे ग्रामीणों की मदद से काबू में किया गया। इसके बाद फायर ब्रिगेड को बुलाया गया।”
थाना प्रभारी साईंखेड़ा राजन उइके ने बताया—
“जैसे ही खेत मालिक थाने पहुंचा, हमें सूचना मिली। तत्काल पुलिस बल मौके पर भेजा गया और आगजनी की रिपोर्ट कायम की गई है। फिलहाल मामले की जांच जारी है, जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।”
ग्रामीणों व ग्राम सरपंच ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित कंपनी पर आवश्यक कार्रवाई की जाए और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।






