खबरवाणी
जैनाबाद-अवखाना बरवाड़ टेकरी में आबकारी विभाग की कार्रवाई, कच्ची शराब का सामान जब्त
शराब दुकानों के बाहर सुबह-शाम जुटती भीड़ पर कब होगी कार्रवाई?
सरकारी आदेशों के पालन को लेकर उठ रहे सवाल
बुरहानपुर। जिले में अवैध शराब निर्माण एवं बिक्री के खिलाफ आबकारी विभाग द्वारा कार्रवाई किए जाने के बीच शराब दुकानों के आसपास खुलेआम शराब सेवन को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। जैनाबाद, अवखाना और बरवाड़ टेकरी क्षेत्र में आबकारी विभाग की कार्रवाई में कच्ची शराब बनाने में उपयोग होने वाली सामग्री जब्त वहीं शहर में शराब दुकानों के बाहर सुबह से शाम तक लोगों के बैठकर शराब पीने की शिकायतें सामने आती रहती है पर स्थानीय स्तर पर निगरानी और कार्रवाई की मांग उठ रही है।
कलेक्टर के निर्देश पर आबकारी विभाग की टीम ने जैनाबाद क्षेत्र में कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान कथित रूप से हाथ भट्टी से तैयार की जा रही कच्ची शराब तथा महुआ लहान सहित शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री जब्त की गई। विभाग द्वारा नियमानुसार प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। हालांकि कार्रवाई में जब्त सामग्री और प्रकरण की पूरी जानकारी संबंधित विभाग द्वारा आधिकारिक रूप से स्पष्ट किया जाना महत्वपूर्ण है।
कच्ची शराब के खिलाफ कार्रवाई, लेकिन शहर में खुले सेवन पर नजर कब?
ग्रामीण क्षेत्रों में कच्ची शराब के निर्माण और बिक्री के खिलाफ कार्रवाई होना विभाग की जिम्मेदारी के निर्वहन का हिस्सा है। लेकिन दूसरी ओर शहर एवं आसपास के क्षेत्रों में शराब दुकानों के बाहर सार्वजनिक स्थानों पर शराब सेवन को लेकर नागरिकों की शिकायतें भी सामने आती रही हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ स्थानों पर शराब दुकान के आसपास सुबह से शाम तक लोगों की भीड़ दिखाई देती है। शिकायत यह भी है कि दुकान से शराब खरीदने के बाद लोग आसपास ही बैठकर उसका सेवन करते हैं। यदि सार्वजनिक स्थान पर शराब सेवन नियमों का उल्लंघन है, तो संबंधित विभाग को मौके की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए।
शराब दुकान के बाहर भीड़
शराब दुकान के आसपास भी शराब पीने वालों के बैठे रहने की शिकायतें सामने आई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि दुकान के आसपास इस प्रकार की गतिविधियां दिखाई देने से राहगीरों, महिलाओं और परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
हालांकि इन शिकायतों की वास्तविक स्थिति का निर्धारण मौके पर विभागीय जांच के बाद ही किया जा सकता है। इसलिए आबकारी विभाग निरीक्षण कर यह देखना चाहिए कि शराब दुकान के परिसर अथवा उसके आसपास सार्वजनिक स्थान पर शराब सेवन तो नहीं हो रहा है।
नियम सभी के लिए समान हों
शराब की अवैध बिक्री और कच्ची शराब के निर्माण पर कार्रवाई जरूरी है, लेकिन साथ ही वैध शराब दुकानों के संचालन से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है। यदि दुकान के आसपास सार्वजनिक रूप से शराब सेवन हो रहा है या दुकान संचालक की भूमिका नियमों के विपरीत गतिविधियों में पाई जाती है, तो जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
नागरिकों का सवाल है कि जब ग्रामीण क्षेत्रों में कच्ची शराब के खिलाफ आबकारी विभाग कार्रवाई कर सकता है, तो शहर में शराब दुकानों के आसपास सार्वजनिक रूप से शराब सेवन की शिकायतों पर भी नियमित निगरानी क्यों नहीं की जाती?
विभाग करे औचक निरीक्षण
शहर की शराब दुकानों के आसपास आबकारी विभाग द्वारा समय-समय पर औचक निरीक्षण किए जाने की जरूरत है। निरीक्षण के दौरान दुकान के बाहर की स्थिति, शराब सेवन करने वालों की मौजूदगी, दुकान संचालन से संबंधित नियमों का पालन तथा आसपास की सार्वजनिक व्यवस्था की जांच की जा सकती है।
यदि जांच में नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित व्यक्ति या जिम्मेदार पक्ष के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। इससे यह संदेश भी जाएगा कि नियम केवल कागजों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनका पालन जमीन पर भी कराया जा रहा है।
सरकारी आदेशों के पालन पर भी नजर जरूरी
शराब दुकानों के संचालन और सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़े सरकारी निर्देशों का पालन कराना संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है। ऐसे में प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी भी शराब दुकान के आसपास ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो जिससे आम नागरिकों को परेशानी हो या सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित हो।
जैनाबाद में आबकारी विभाग की कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि विभाग अवैध शराब निर्माण के मामलों में कार्रवाई कर सकता है। अब इसी तरह शहर में शराब दुकानों के आसपास सार्वजनिक सेवन और अन्य संभावित नियम उल्लंघनों की शिकायतों की भी निष्पक्ष जांच किए जाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
कार्रवाई हो तो पारदर्शिता के साथ
नागरिकों की शिकायतों पर केवल आरोपों के आधार पर किसी व्यक्ति या प्रतिष्ठान को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। प्रशासन को मौके पर जाकर स्थिति की जांच करनी चाहिए और यदि उल्लंघन प्रमाणित होता है तो संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई करनी चाहिए।
लोगों की मांग है कि आबकारी विभाग और संयुक्त रूप से संवेदनशील शराब दुकानों का निरीक्षण करें। सुबह और शाम के समय विशेष निगरानी की जाए तथा जहां सार्वजनिक स्थान पर शराब सेवन या अन्य नियम उल्लंघन पाया जाए, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
अब सवाल यह है कि जैनाबाद-अवखाना बरवाड़ टेकरी क्षेत्र में कच्ची शराब के खिलाफ कार्रवाई के बाद शहर की शराब दुकानों के बाहर दिखाई देने वाली भीड़ और सार्वजनिक शराब सेवन की शिकायतों पर आबकारी विभाग कब निरीक्षण करेगा? यदि शिकायतें सही पाई जाती हैं तो कार्रवाई होनी चाहिए और यदि शिकायतें तथ्यहीन हैं तो प्रशासन की जांच से स्थिति भी स्पष्ट हो सकती है। इससे आम नागरिकों मेंअविश्वास भरोसा मजबूत होता है





