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EPFO Withdrawal Rules:EPFO नियमों में बड़े बदलाव की तैयारी, अब अपनी मर्जी से निकाल सकेंगे PF का पैसा

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EPFO Withdrawal Rules:केंद्र सरकार कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के नियमों में बदलाव करने पर विचार कर रही है। अब तक PF का पैसा केवल कुछ खास परिस्थितियों जैसे शादी, घर खरीदने या बच्चों की पढ़ाई में ही निकाला जा सकता था। लेकिन सरकार का मानना है कि यह कर्मचारियों की मेहनत की कमाई है, इसलिए उन्हें अपने पैसे पर पूरी स्वतंत्रता होनी चाहिए।

वर्तमान में क्या हैं PF निकासी के नियम?

अभी EPFO सदस्य अपने पूरे कॉर्पस (Corpus) केवल सेवानिवृत्ति के बाद या फिर दो महीने से ज्यादा बेरोजगार रहने की स्थिति में निकाल सकते हैं। आंशिक निकासी भी केवल कुछ विशेष हालात में ही संभव है।

  • शादी के लिए: कम से कम 7 साल की नौकरी पूरी करने पर 50% राशि निकाली जा सकती है। यह नियम अपनी, भाई-बहन या बच्चों की शादी पर भी लागू होता है।
  • घर खरीदने के लिए: PF कॉर्पस का 90% तक निकाला जा सकता है, लेकिन सदस्य को कम से कम 3 साल की नौकरी पूरी करनी होगी।
  • शिक्षा के लिए: बच्चों की मैट्रिक के बाद की पढ़ाई पर 50% तक राशि निकाली जा सकती है, बशर्ते सदस्य की नौकरी 7 साल पूरी हो।

सरकार का नया प्रस्ताव

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, केंद्र सरकार PF निकासी नियमों को आसान करने की तैयारी कर रही है। प्रस्ताव है कि हर सदस्य को हर 10 साल में एक बार अपने खाते से पैसा निकालने की अनुमति दी जाए।

क्यों हो रहा है बदलाव?

सरकार का तर्क है कि PF कर्मचारियों की कमाई है और उन्हें इसका इस्तेमाल अपनी जरूरतों के अनुसार करने की आज़ादी मिलनी चाहिए। कई बार कम और मध्यम आय वर्ग के लोगों को अचानक पैसों की जरूरत पड़ जाती है, ऐसे में यह बदलाव उनके लिए बड़ी राहत साबित होगा।

PF सदस्यों की संख्या में तेजी से इज़ाफ़ा

वित्त वर्ष 2023-24 में EPFO के रजिस्टर्ड सदस्यों की संख्या लगभग 7.37 करोड़ तक पहुंच गई। जुलाई 2025 में ही 21 लाख नए सदस्य जुड़े। ऐसे में नियमों में यह बदलाव करोड़ों कर्मचारियों को फायदा पहुंचा सकता है।

क्या होगा फायदा?

विशेषज्ञों का मानना है कि नया नियम लागू होने से कर्मचारी हर 10 साल में PF से पैसा निकालकर अपनी ज़रूरतें पूरी कर सकेंगे। इससे अचानक आने वाली वित्तीय परेशानियों से निपटना आसान हो जाएगा और लोग ज्यादा आत्मनिर्भर बनेंगे।

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