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EOW Action – घोड़ाडोंगरी ब्रांच मैनेजर सहित 13 पर मामला दर्ज

81 खातों से 13 बैंक कर्मियों ने की अमानत में ख्यानत

EOW Actionबैतूल जब बागुड़ ही खेत खाने लगे तो फिर रखवाली की उम्मीद करना बेमानी हो जाता है। ऐसा ही एक अमानत में ख्यानत का मामला बैतूल जिले के घोड़ाडोंगरी सेंट्रल बैंक का सामने आया है। यहां पर बैंक मैनेजर सहित 13 कर्मचारियों ने मिलकर 81 ऐसे खाताधारक चिन्हित किए जिनका पूर्व में केसीसी लोन पास हुआ था। ऐसे खाता धारकों के खाते में बिना उनकी इजाजत के पुन: लोन पास किया और 98.39 लाख रुपए की राशि हड़प ली। मामले की शिकायत करने पर ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ) ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की घोड़ाडोंगरी की शाखा के तत्कालीन प्रबंधक सहित 13 कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने का केस दर्ज किया है।

इन खाताधारकों को किया चिन्हित | EOW Action

आरोपियों ने ऐसे 81 खातों को चिन्हित किया जिनके खाता धारक लंबे समय से बैंक नहीं आए थे। खाता भी लंबे समय से एक्टिव नहीं था। यह सभी खाते किसान क्रेडिट कार्ड और मुख्यमंत्री स्वरोजगार का लाभ लेने वाले धारकों के थे। आरोपियों ने इन खातों से फर्जी तरीकों से 98.39 लाख रुपए निकालकर हड़प लिए। वारदात को 2018 से 2022 के बीच अंजाम दिया गया है। शिकायती आवेदन की जांच के बाद एफआईआर दर्ज की गई है।

ईओडब्ल्यू ने इन्हें बनाया आरोपी

प्राप्त जानकारी के मुताबिक फरियादी सईद कुरैशी ने एक शिकायती आवेदन ईओडब्ल्यू में दिया था। जिसकी जांच में पाया गया कि पीयूष सैनी पूर्व शाखा प्रबंधक सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, दीपक सोनी सहायक प्रबंधक, राजेश खासदेव हैड केशियर, मनीष चौहान एकल खिडक़ी परिचालक, दिलीप यादव, रवि सीलू, विजय बत्राग्रे, मनीष यादव, उमेश यादव, पूरब चौकीकर, प्रमोद सरवण, रूजा यादव, उमेश यादव ने कूट रचित दस्वतावेज तैयार कर केसीसी खाता धारकों के खातों से फर्जी तरीके से राशि चेक और विभिन्न माध्यमों से निकालकर हड़पी है।

ऐसे हड़पी लाखों रुपए रु. की राशि | EOW Action

आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने के लिए ऐसे खाता धारकों की जानकारी जुटाई जो लंबे समय से एक्टिव नहीं थे। बैंक नहीं आते और जाते थे। खाते को किसी भी तरह से इस्तमाल नहीं कर रहे थे। ऐसे 81 खातों को चिन्हित किया गया, जिसके खाता धारकों को पूर्व में केसीसी ऋण स्वीकृत हो चुका था। इन खातों के धारकों के दस्तावेजों के साथ फर्जीवाड़ा कर नए लोन सेंशन कराए गए। इसके बाद फर्जी तरीके से ही खातों से राशि को निकाल भी लिया गया।

दिवंगतों के खाते से भी निकाली राशि

ईओडब्ल्यू की जांच में सामने आया है कि बैंक प्रबंधक, सहायक बैंक प्रबंधक सहित 13 लोगों ने मिलकर ऐसे खाताधारकों को भी नहीं छोड़ा जो कि अब इस दुनिया में ही नहीं है। जांच में पाया गया है कि इन खातों में 17 ऐसे लोगों के खाते भी शामिल थे, जो इस दुनिया में ही नहीं हैं। आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर ईओडब्ल्यू ने उनकी तलाश शुरू कर दी है।

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