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दामजीपूरा केकड़िया कला में भावुक सेवा सम्मान समारोह,
ढोल-नगाड़ों के बीच शिक्षकों को विदाई
बैतूल जिले की तहसील भीमपुर के ग्राम केकड़ियाकला में शिक्षा जगत का एक अत्यंत भावुक, प्रेरणादायक और ऐतिहासिक पल देखने को मिला, जब वर्षों तक शिक्षा की अलख जगाने वाली शिक्षिका सुरेखा मालवीय एवं केकड़ियाकला के लोकप्रिय शिक्षक काड़मु सिंह सलामे के सेवानिवृत्त होने पर विद्यालय परिसर में भव्य सेवा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल रहा। ढोल-नगाड़ों की गूंज, पुष्पवर्षा और नारों के बीच दोनों शिक्षकों का स्वागत किया गया। ग्रामीणों, शिक्षकों और जनप्रतिनिधियों ने पुष्पमालाएं पहनाकर, शॉल ओढ़ाकर तथा स्मृति-चिन्ह भेंट कर दोनों शिक्षकों को सम्मानित किया। समारोह में मौजूद हर आंख नम थी और हर दिल गर्व से भरा हुआ नजर आया।
कार्यक्रम में ग्राम के सभी गणमान्य नागरिकों के साथ-साथ शिक्षा विभाग के जिला, ब्लॉक एवं तहसील स्तर के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे। सभी ने दोनों शिक्षकों के सेवाकाल को याद करते हुए उनके अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और विद्यार्थियों के प्रति समर्पण की खुले दिल से प्रशंसा की। वक्ताओं ने कहा कि सुरेखा मालवीय मैडम और सलामे सर ने केवल पढ़ाया ही नहीं, बल्कि बच्चों को संस्कार, आत्मविश्वास और समाज के प्रति जिम्मेदारी का पाठ भी पढ़ाया।
नवयुवक उत्सव समिति केकड़ियाकला द्वारा गांव में जगह-जगह दोनों शिक्षकों का पुष्पमालाओं से भव्य स्वागत किया गया। पूरे गांव ने मिलकर इस समारोह को यादगार बना दिया। सेवा सम्मान समारोह के दौरान ग्रामीणों के लिए भोजन-प्रसादी की उत्तम व्यवस्था भी की गई, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम का समापन दोनों शिक्षकों के भावुक उद्बोधन के साथ हुआ। उन्होंने ग्रामीणों, शिक्षकों और शिक्षा विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें जो सम्मान और प्रेम मिला है, वह जीवनभर उनके साथ रहेगा। यह सेवा सम्मान समारोह न केवल विदाई का क्षण था, बल्कि यह संदेश भी दे गया कि समाज आज भी अपने सच्चे शिक्षकों को पूरे मान-सम्मान के साथ सिर आंखों पर बैठाता है।





