Elon Musk Space Mission: दुनिया के सबसे चर्चित उद्योगपति एलन मस्क एक बार फिर कुछ ऐसा करने की तैयारी में हैं, जो अब तक सिर्फ साइंस फिक्शन फिल्मों में देखा गया है। मस्क अपनी दो कंपनियों SpaceX और xAI को मर्ज करके अंतरिक्ष में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का डेटा सेंटर बनाना चाहते हैं। यह डेटा सेंटर धरती पर नहीं, बल्कि स्पेस में एक सैटेलाइट की तरह काम करेगा।
धरती पर खत्म होती ऊर्जा, स्पेस में अनलिमिटेड सोलर पावर
AI तकनीक, जैसे Grok और ChatGPT, को चलाने के लिए भारी मात्रा में बिजली की जरूरत होती है। धरती पर पहले से ही बिजली और संसाधनों का दबाव बढ़ रहा है। एलन मस्क का मानना है कि अंतरिक्ष में सूरज की ऊर्जा भरपूर और मुफ्त है। इसलिए सोलर पैनल से चलने वाला AI डेटा सेंटर स्पेस में ज्यादा सस्ता, टिकाऊ और असरदार साबित होगा।
पृथ्वी की कक्षा में घूमता AI सुपरकंप्यूटर
यह AI डेटा सेंटर किसी इमारत की तरह नहीं होगा, बल्कि एक विशाल सैटेलाइट होगा, जो पृथ्वी की कक्षा में लगातार घूमता रहेगा। ठीक वैसे ही जैसे चांद धरती के चारों ओर घूमता है। इसमें लगे सोलर पैनल इसे ऊर्जा देंगे और हाई-एंड सर्वर AI कंप्यूटिंग का काम करेंगे।
स्पेस एजेंसियों को होगा सीधा फायदा
एलन मस्क के मुताबिक, भविष्य में स्पेस मिशन पूरी तरह AI पर निर्भर होंगे। सैटेलाइट कंट्रोल, अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा, डेटा एनालिसिस और रिसर्च में AI की जरूरत बढ़ेगी। अगर डेटा सेंटर स्पेस में ही होगा, तो स्पेस एजेंसियों का खर्च कम होगा और फैसले तेजी से लिए जा सकेंगे।
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में भी उठा मुद्दा
एलन मस्क ने हाल ही में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में इस योजना का जिक्र किया था। उन्होंने बताया कि SpaceX पहले ही Starlink के जरिए हजारों सैटेलाइट लॉन्च कर चुका है। अब अगला कदम है सैटेलाइट-बेस्ड AI डेटा सेंटर। मस्क का दावा है कि अगले 2 से 3 सालों में यह सपना हकीकत बन सकता है।




