Eating Benefits of Coriander: अक्सर हम हरे धनिये का इस्तेमाल सिर्फ़ खाने को सजाने या स्वाद बढ़ाने के लिए करते हैं। लेकिन आयुर्वेद के अनुसार हरा धनिया एक ऐसी जड़ी-बूटी है, जिसे लगातार 7 दिन खाने से शरीर में कई जबरदस्त फायदे दिखाई देते हैं। आचार्य बालकृष्ण के अनुसार धनिया पत्ते ठंडक देने वाले, एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन से भरपूर होते हैं। इन्हें सलाद, सूप, चटनी या दाल-सब्ज़ी में मिलाकर आसानी से रोज़ाना खाया जा सकता है।
ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मददगार
हरा धनिया रक्त शर्करा को संतुलित रखने की क्षमता रखता है। इसमें मौजूद प्राकृतिक तत्व ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करते हैं। इसलिए डायबिटीज़ के मरीज भी इसे सीमित मात्रा में अपने भोजन में शामिल कर सकते हैं। नियमित सेवन से इंसुलिन सेंसिटिविटी में सुधार देखने को मिलता है।
स्किन होगी ग्लोइंग और साफ़
धनिया पत्तियों में मौजूद डिटॉक्स गुण शरीर से टॉक्सिन को बाहर निकालते हैं। इससे चेहरे पर मुंहासे, दाग-धब्बे और रूखापन कम होता है। इसे 7 दिन तक रोज़ खाया जाए तो स्किन नेचुरल चमक के साथ साफ़ और फ्रेश दिखाई देने लगती है। विटामिन A और C से भरपूर होने की वजह से यह त्वचा को हेल्दी बनाता है।
किडनी और लिवर की सफाई में बेहद असरदार
हरा धनिया नैचुरल क्लींजर की तरह काम करता है। यह किडनी और लिवर में जमा गंदगी को साफ़ करता है और शरीर में यूरिक एसिड का स्तर कम करने में मदद करता है। जिन लोगों को किडनी स्टोन, भारीपन या लिवर संबंधित परेशानी रहती है, उनके लिए इसका नियमित सेवन लाभकारी हो सकता है। यह शरीर को अंदर से रिपेयर और रिफ्रेश करता है।
पाचन शक्ति और इम्यूनिटी दोनों को मज़बूत बनाता है
अगर आपको गैस, एसिडिटी, पेट दर्द या अपच की समस्या रहती है, तो हरा धनिया आपके लिए फायदेमंद है। इसकी ठंडक और सूदिंग प्रॉपर्टीज़ पाचन तंत्र को आराम देती हैं। साथ ही इसमें मौजूद विटामिन A, C और एंटीऑक्सीडेंट इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं और शरीर में फ्री रेडिकल्स को कम करते हैं। इससे संक्रमण, सर्दी-जुकाम और कमजोरी की परेशानी दूर रहती है।
हरे धनिये को खाने के आसान तरीके
हरे धनिये को रोज़मर्रा के भोजन में शामिल करना बहुत आसान है।
आप इसे—
- चटनी बनाकर
- जूस के रूप में
- सलाद में मिलाकर
- पराठों में गूंधकर
- या धनिया पानी बनाकर
खास तरीके से खा सकते हैं।
सिर्फ़ 7 दिन के भीतर इसके प्रभाव साफ़ दिखने लगते हैं।





