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Dussehra: रावण-कुंभकरण के वॉटर प्रूफ पुतलों का होगा दहन

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67 वें वर्ष में धूमधाम से मनाया जाएगा दशहरा पर्व

Dussehra: बैतूल। श्री कृष्ण पंजाब सेवा समिति का इस साल 67 वां दशहरा पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम में रावण  और कुंभकरण के पुतले दहन की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। कल शाम को पुतलों का दहन किया जाएगा। इस दौरान समिति के द्वारा शानदार आतिशबाजी भी की जाएगी। दशहरा पर्व देखने के लिए लोग परिवार सहित बड़ी संख्या में पहुंचते हैं और आतिशबाजी सहित पुतलों के दहन का आनंद उठाते हैं। इस दौरान पूरा स्टेडियम खचाखच लोगों की भीड़ से भर जाता है।


1957 से हुई थी शुरूवात


देश को आजाद होने के 10 साल बाद याने वर्ष 1957 में श्री कृष्ण पंजाब सेवा समिति ने रामलीला मंचन और दशहरा पर्व मनाने की शुरूवात की थी। समिति के दीपक सलूजा और कुशकुंज अरोरा ने बताया कि शुरूवात में आयोजन सीमित होता था लेकिन धीरे-धीरे आयोजन भव्य होते जा रहा है। रामलीला का मंचन हर साल होता है और इस मंचन को देखने के लिए दूर-दूर से ग्रामीण सहित अन्य लोग आते हैं और भगवान की लीलाओं का आनंद उठाते हैं। इसके अलावा श्रीराम विवाह और दशहरा के दिन भण्डारे भी आयोजित किये जाते हैं जिसमें सैकड़ों की संख्या में लोग प्रसादी ग्रहण करते हैं। भण्डारे कराने के लिए लंबी प्रतीक्षा सूची है जिनके सहयोग से यह आयोजन होता है।


वॉटर प्रूफ होंगे पुतले


बेमौसम बारिश को लेकर समिति ने इस बार रावण और कुंभकरण के वॉटर प्रूफ पुतले बनवाए हैं। पिछले 13 साल से भोपाल से आ रहे कलाकारों के द्वारा यह पुतले बनाए जाते हंै। भोपाल से आए रिंकू बंसल , रवि भारद्वाज, राजेश धुर्वे और रमेश बंसल ने बताया कि पुतले बनाने के लिए एक महीने पहले से ही तैयारी शुरू हो जाती है। इस साल रावण का पुतला 60 फीट ऊंचा रहेगा और कुंभ करण का पुतला 55 फीट ऊंचा है। बारिश में पुतले खराब ना हो इसको लेकर 600 फीट पालीथिन दोनों पुतलों को पहनाई गई है। पुतलों को आकर्षित बनाने के लिए इनकी आंखों में विशेष तरह की लाईटिंग कराई गई है। इन दोनों पुतलों के अंदर 1500 पटाखे रखे गए हैं जो दहन के दौरान काफी देर तक फूटते रहेंगे।


स्टेडियम में रहेगी व्यवस्था


दशहरा पर्व पर लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम में रावण दहन कार्यक्रम को देखने के लिए जनसैलाब उमड़ता है। इसको लेकर पुलिस विभाग द्वारा सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए जाते है। वहीं स्टेडियम में बेरीकेटिंग की भी जाती है। वहीं स्टेडियम में प्रवेश के लिए सभी दरवाजे खोल दिए जाते हैं। पार्किंग के लिए भी चारों दिशा में अलग-अलग व्यवस्था की जाती है जिसके कारण लोग व्यवस्थित तरीके से स्टेडियम तक पहुंच जाते हैं और आतिशबाजी सहित पुतलों के दहन का आनंद उठाते हैं। आतिशबाजी का सिलसिला करीब एक से डेढ़ घंटे तक चलते रहता है।


गंज से स्टेडियम पहुंचेगी शोभायात्रा


दशहरा पर्व को मनाने और रावण दहन को लेकर रामलीला के पात्र भगवान श्रीराम, श्री लक्ष्मण और हनुमान जी की शोभायात्रा पंजाब मंगल भवन गंज से शुरू होती है और गाजे-बाजे के साथ स्टेडियम पहुंचती है। शोभायात्रा के रथ को आकर्षक विद्युत साज सज्जा कर सजाया जाता है जो कि देखते ही बनता है। इसके साथ ही शोभायात्रा में लोग नाचते-गाते चलते हैं। स्टेडियम में भगवान श्रीराम की अतिथियों के द्वारा पूजा अर्चना की जाती है। इसके पश्चात श्रीराम और रावण युद्ध का मंचन होता है। तत्पश्चात रावण दहन किया जाता है।

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