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पितृपक्ष में इन रूपों में आपके घर आ सकते हैं पितृ! भूलकर भी खाली हाथ न लौटाएं, प्रसन्न हो गए तो चमक जाएगा जीवन

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पितृपक्ष हिंदू धर्म के लिए बेहद खास होता है. इस दौरान पूर्वज की पूजा आराधना के साथ तर्पण, पिंडदान इत्यादि की जाती है. इससे पूर्वज बेहद प्रसन्न होते हैं और माना जाता है कि जब पूर्वज प्रसन्न होते हैं तो घर में सुख समृद्धि की वृद्धि होती है और आने वाली पीढ़ियों पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है. साल 2025 में भाद्रमाह की पूर्णिमा तिथि से पितृपक्ष की शुरुआत होने जा रही है और अश्विन माह की अमावस्या तिथि के दिन पितृपक्ष समाप्त होने वाला है. माना जाता है कि पितृपक्ष के दौरान अलग-अलग रूपों में पितृ धरती पर वास करके आपके द्वार तक पहुंचते हैं. तो आइये देवघर के ज्योतिषाचार्य से जानते हैं कि पितृपक्ष या श्राद्ध पक्ष के दौरान किन-किन रूपों में पितृ आपके घर आ सकते हैं?

कि 8 सितंबर से पितृपक्ष की शुरुआत होने वाली है और 21 सितंबर तक पितृपक्ष चलने वाला है. इस दौरान पितृ अलग-अलग रूपों में धरती पर वास करते हैं. अगर जातक तिथि के अनुसार अपने पूर्वज का तर्पण, पिंडदान, श्राद्ध इत्यादि कर दे तो पितृ प्रसन्न होते हैं और परिजनों को आशीर्वाद देकर सीधे बैकुंठ में वास करते हैं. पितृ अगर प्रसन्न हो गए तो जीवन चमक जाएगा. घर में हमेशा खुशहाली बनी रहेगी. कुछ ऐसे पशु पक्षी हैं जिनका रूप धारण कर पितृ आपके दरवाजे तक पहुंच सकते हैं.
इन रूपों में आ सकते हैं पितृ
कौआ: पितृ कौए के रूप में भी आ सकते हैं. इसलिए पितृपक्ष के दौरान अगर आपके घर के द्वार पर या फिर घर की छत पर कौआ बैठ जाए तो उन्हें अवश्य खाना खिलाए.
गाय: कहते हैं कि पितृपक्ष के दौरान आपके घर के द्वार पर बार-बार कोई ‘गाय’ आकर खड़ा हो जाए तो उन्हें खाली हाथ वापस बिल्कुल भी ना लौटाये. गाय को अन्न अवश्य खिलाये. इससे पितृ बेहद प्रसन्न होंगे.
काला कुत्ता: पितृपक्ष के दौरान घर के आसपास अगर काला कुत्ता दिखे या घर पर काला कुत्ता आ जाए तो उन्हें वापस न लौटाये. काला कुत्ता को रोटी या फिर कुछ अन्न अवश्य खिलाएं. इससे पितृ प्रसन्न होंगे और आपके पितृ दोष भी खत्म हो जाएगी.
साधु या भिखारी: पितृपक्ष के दौरान कोई भूखा साधु या भिखारी आपके द्वार पर खड़ा हो जाए तो निश्चित तौर पर उन्हें भोजन कराएं तभी उन्हें वापस भेजें. इससे पितृ बेहद प्रसन्न होंगे.

 

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