Do Muha Saanp – आखिर इस दो मुहे सांप में क्या है ऐसा ख़ास 

करोड़ो में कीमत की जाती है स्मगलिंग 

Do Muha Saanpअसल में दोमुहा कहे जाने वाले सांप के दो मुंह नहीं होते है बल्कि इसकी पूँछ ही मुंह की तरह नजर आती है। यही कारण है की ऐसा प्रतीत होता है की इस सांप के दो मुँह है। इस सांप की ऐसी कुछ खासियत हैं जिसके कारण ये सांप काफी दुर्लभ है और इसकी स्मगलिंग ऊँचे स्तर पर की जाती है। और देश विदेश में बेचा जाता है |

कहाँ पाए जाते हैं

सांप वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के अंतर्गत इस सांप को रेयर सांप की कैटेगरी में रखा गया है। और अगर बात करें इस सांप के पाए जाने की तो भारत में ये राजस्थान, दक्षिणी भारत और उत्तर-पश्चिमी भारत में पाए जाते हैं। 

होती है स्मगलिंग | Do Muha Saanp 

इस सांप की बड़े स्तर पर स्मगलिंग की जाती है भारत के थार रेगिस्तान जैसे इलाकों में रहने वाले आमलोग भी इसे पकड़कर स्मगलर्स तक पहुंचाते हैं. इनकी कीमत लाखों में बताई जाती है. विदेशी बाजार में इसकी कीमत काफी ज्यादा होती है. ये सांप दिन में अपने बिल में छिपा रहता है. ज्यादा समय जमीन के नीचे बिल में ही बिताता है. अक्सर रात में निकलना पसंद करता है। 

इस सांप की बड़े स्तर पर स्मगलिंग की जाती है 

ये है वजह 

इस सांप की स्मगलिंग के पीछे जो वजह बताई जाती है वो ये है की इस का इस्तेमाल तांत्रिक क्रियाओं में होता है. दवा, मर्दाना ताकत बढाने के साथ सौंदर्य प्रसाधनों में इसका इस्तेमाल किया जाता है। 

करता है कंफ्यूज | Do Muha Saanp 

इस सांप की एक खासियत और है की जब कभी इस सांप को खतरा महसूस होता है तो ये अपनी पूँछ को उठा लेता है, फिर शिकारी को ये समझ नहीं पड़ता है आखिर सांप का मुँह कहाँ हैं।  

और भी नाम 

ये गैर विषैली सांप प्रजाति है. इसे इंडियन सैंड बोआ, जॉन्स सैंड बोआ, एरुटाले नागम, मन्नोली पम्बू और ब्राउन सैंड बोआ के नामों से भी जाना जाता है. ये प्रजाति ईरान और पाकिस्तान में भी मिलती है। 

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