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Diwali 2025:अयोध्या में दीवाली कैसे मनाएं आपके लिए परफेक्ट ट्रैवल गाइड

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Diwali 2025 में अयोध्या का अनुभव: भगवान राम की जन्मभूमि अयोध्या में दीवाली मनाना एक अद्भुत और आध्यात्मिक अनुभव है। यहां दीवाली सिर्फ त्योहार नहीं, बल्कि भक्ति और श्रद्धा का प्रतीक है। अगर आप इस बार अयोध्या जाने का प्लान बना रहे हैं, तो यह गाइड आपके लिए मददगार साबित होगा।

राम मंदिर और राम की पैड़ी

दीवाली का असली आनंद राम मंदिर और राम की पैड़ी पर मिलता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान राम के वनवास से लौटने पर लोगों ने घी के दीपक जलाए थे, तभी से अयोध्या में दीवाली मनाई जाती है। यहाँ हर साल लाखों दीपक जलाए जाते हैं। आप यहां आरती का हिस्सा बन सकते हैं और मंदिर की घंटियों की आवाज़ में एक अलग ही दुनिया का अनुभव कर सकते हैं। ध्यान रखें कि दीवाली के समय मंदिर काफी भीड़ वाला होता है।

हनुमान गढ़ी मंदिर

राम मंदिर के दर्शन के बाद आप हनुमान गढ़ी मंदिर जा सकते हैं। यह भगवान हनुमान का प्रसिद्ध मंदिर है। दीवाली के दौरान मंदिर की सीढ़ियों पर हजारों दीये जलाए जाते हैं। मंदिर की ऊपरी चढ़ाई थोड़ी मेहनत भरी है, लेकिन ऊपर से दिखाई देने वाला नज़ारा मन को मोह लेने वाला होता है।

नागेश्वर नाथ मंदिर

नागेश्वर नाथ मंदिर अयोध्या का प्राचीन और प्रमुख मंदिर है। यहां दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं। मंदिर की वास्तुकला और भव्यता दीवाली में और भी अधिक निखर जाती है। इस मंदिर का दौरा करने से मन को शांति और सुकून मिलता है।

सरयू घाट और नया घाट

सरयू नदी के किनारे स्थित सरयू घाट और नया घाट अयोध्या के प्रमुख घाट हैं। लोग यहाँ आध्यात्मिक शांति और धार्मिक अनुभव के लिए आते हैं। दीवाली के समय घाटों की सैर करना एक अद्भुत अनुभव देता है।

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अयोध्या की लोकल मार्केट और सांस्कृतिक अनुभव

दीवाली के समय अयोध्या की लोकल मार्केट और सड़कों पर सजावट, रंग-बिरंगी लाइट्स और त्योहारी माहौल देखने लायक होता है। यहां हस्तशिल्प और पारंपरिक मिठाइयाँ खरीदने का भी मौका मिलता है। यह आपके यात्रा अनुभव को और भी यादगार बना देता है।

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