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बगडोना से सारनी तक सड़क पर ब्रेकर बनाने की उठी मांग
तेज रफ्तार वाहनों से लगातार बढ़ रहे हादसे, नागरिकों में चिंता
खबरवाणी न्यूज़ रफीक
सारनी। बगडोना से सारनी क्षेत्र से गुजर रहे राज्य मार्ग पर लगातार हो रहे सड़क हादसों ने आम नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब से यह स्टेट हाईवे में तब्दील हुआ है, तब से वाहनों की रफ्तार बेकाबू हो गई है और कई लोग असमय काल के गाल में समा चुके हैं। हाल ही में हुए दुर्घटनाओं ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है।
नागरिकों के अनुसार सारनी जय स्तंभ चौक, बजरंग मंदिर, पाथाखेडा तिगड्डा,काली माई, शोभापुर स्टाफ एवं बगडोना रिहायशी क्षेत्र के बीचो-बीच से गुजर रहे इस फोरलेन मार्ग पर भारी वाहन तेज गति से दौड़ते हैं। कई बार रात के समय और नशे की हालत में वाहन चलाने के कारण दुर्घटनाएं और भी बढ़ जाती हैं। कुछ ही दिनों के अंतराल में कई जानलेवा हादसे सामने आए हैं, जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
हाल ही में क्षेत्र के निवासी रवि चंदन बिहारै का एक डंपर से गंभीर एक्सीडेंट हो गया, जिससे पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई। बागडोना स्थित रेस्क्यू गेट के सामने 8 दिन पहले व सिक्योरिटी गार्ड दीपेश यादव का वाहन चालक ने एक्सीडेंट कर दिया था जिसे सर और जबड़े में चोट लगी इस घटना से वह तीन दिन तक के बेहोश रहा और वर्तमान में उनका इलाज नागपुर में चल रहा है
ज्ञात हो की कुछ माह पूर्व हादसे में 8 से 10 मवेशियों को भी डम्फर ने कुचल दिया था। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार हो रहे ऐसे हादसे प्रशासन और सड़क विकास एजेंसियों के लिए चिंता का विषय होना चाहिए। प्रशासन का क्या है ऐसे हादसो के बाद वाहन मालिको से उगाही का रास्ता बन जाता है यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो और भी परिवार उजड़ सकते हैं।
नागरिकों ने मांग की है कि संवेदनशील स्थानों पर छोटे-छोटे स्पीड ब्रेकर बनाकर उन्हें स्पष्ट संकेतकों के साथ चिन्हित किया जाए, ताकि वाहन चालक रफ्तार पर नियंत्रण रखें। हालांकि नियमानुसार फोरलेन या स्टेट हाईवे पर ब्रेकर नहीं बनाए जाते, लेकिन लोगों का कहना है कि जहां आबादी वाला क्षेत्र हो और ड्रेजर जोन हो, वहां सुरक्षा के विशेष प्रबंध जरूरी हैं।
स्थानीय व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों का तर्क है कि यदि समीप घोड़ाडोंगरी क्षेत्र में दुर्घटना के बाद प्रशासन और जागृत जनप्रतिनिधियो ने रोड डेवलपमेंट विभाग से चर्चा कर स्पीड नियंत्रण की पहल की जा सकती है, तो बगडोना क्षेत्र में भी वैसी ही कार्रवाई क्यों नहीं हो सकती? लोगों ने प्रशासन से संयुक्त बैठक कर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यह केवल ब्रेकर की मांग नहीं, बल्कि जनसुरक्षा का मुद्दा है। यदि समय रहते चेतावनी संकेत, स्पीड लिमिट बोर्ड और आवश्यक स्थानों पर स्पीड ब्रेकर लगाए जाएं तो भविष्य में होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस जनभावना पर कितना गंभीरता से संज्ञान लेता है।





