नाबालिग की कराई थी डिलेवरी, बॉयफ्रेंड को तलाश रही पुलिस, पुलिस ने बोरी में बच्ची फेंकने वाली नर्स को किया गिरफ्तार
Death: भोपाल(ई-न्यूज)। एक नवजात बच्ची बोरी में मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। इस मामले में सामने आया है कि एक नाबालिग की डिलेवरी कराई गई थी। पुलिस नाबालिग के बॉयफ्रेंस की तलाश में जुट गई है। वहीं बच्ची को बोरी में रखकर फेंंकने वाली नर्स को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बच्ची की गुरुवार को मौत हो गई। बच्ची के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए हमीदिया स्थित मॉर्चुरी भेजा गया है। नर्स की पहचान सीसीटीवी फुटेज की मदद से उसकी पहचान हुई।
संदेही नर्स आसमां खान ने 17 साल की लडक़ी की डिलीवरी कराई थी। परिवार ने बदनामी के डर से नवजात को ठिकाने लगाने का जिम्मा नर्स को ही दिया था। उसने बाग उमराव दुल्हा के पास रेलवे ट्रैक के किनारे नवजात को फेंक दिया था। नाबालिग स्कूली छात्रा बताई जा रही है, जिसका बरखेड़ी में रहने वाले युवक से अफेयर चल रहा था। पुलिस छात्रा के परिजन से पूछताछ कर रही है। साथ ही उसके बॉयफ्रेंड की भी तलाश कर रही है।
कैमरे में दिखाई दी नर्स
मंगलवार देर रात बोरी में बंद कर मासूम को फेंकने वाली महिला के सीसीटीवी फुटेज सामने आए थे। वीडियो में एक महिला घटनास्थल के करीब दिखाई दी। फुटेज के आधार पर पुलिस ने अज्ञात महिला के खिलाफ एफआईआर की थी। उसी महिला को पुलिस ने हिरासत में लिया है जो नर्स है। वह नवीन नगर ऐशबाग में रहती है।
60 हजार रुपए दिए थे एडवांस
जिस नाबालिग की डिलीवरी हुई थी वह 11वीं में क्लास में है। हालांकि करीबी रिश्तेदार की ज्यादती की वजह से पढऩे नहीं जा रही थी। वहीं, डिलीवरी के लिए परिवार ने नर्स आसमां को 60 हजार रुपए एडवांस दिए थे। नवजात को ठिकाने लगाने के लिए कुल कितने रुपए नर्स को देने थे, यह अभी पता नहीं चला है।
पुलिस ने अज्ञात आरोपियों पर दर्ज किया है केस
इस मामले में ऐशबाग पुलिस ने बीएनएस की धारा 93 के तहत अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। हालांकि धाराएं और बढ़ाई जा सकती हैं। धारा 93 के तहत अगर पेरेंट्स या पालन-पोषण करने वाले 12 साल से कम उम्र के बच्चे को त्यागने के इरादे से किसी भी जगह पर छोड़ेंगे तो उसे कारावास और जुर्माने की सजा से दंडित किया जा सकता है।
रोने की आवाज सुनकर लोगों ने बाहर निकाला
बुधवार सुबह ऐशबाग के बाग उमराव दुल्हा इलाके में एक बोरी में बंधी नवजात बच्ची मिली थी। इलाके से गुजर रहे लोगों ने उसकी आवाज सुनकर बोरी को खोला। उसे बाहर निकालकर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची ऐशबाग पुलिस ने बच्ची को कस्टडी में लिया और कमला नेहरू अस्पताल भेजा। बच्ची 2-3 दिन की बताई जा रही है। साभार…
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