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सड़क पर मक्का, बढ़ा दुर्घटना का खतरा!
भौंरा–बीजादेही ग्रामीण मार्ग पर किसानों ने फैलाई मक्का, 10 फीट की पट्टी से गुजर रहे वाहन
भौंरा। भौंरा–बीजादेही ग्रामीण मार्ग पर ग्राम बानाबेहड़ा से आगे किसानों द्वारा सड़क की एक पट्टी पर मक्का सुखाने का कार्य इन दिनों लगातार जारी है। करीब 20 से 30 किलोमीटर के दायरे में सड़क पर हर जगह मक्का बिछी नजर आ रही है। एक साइड की सड़क की चौड़ाई महज 10 से 12 फीट होने के कारण वाहनों को एक ही पट्टी से गुजरना पड़ रहा है, जिससे आवागमन बाधित हो रहा है और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है। हाल के दिनों में लगातार हुई बारिश के चलते किसान अपनी फसल समय पर खेतों से नहीं निकाल पाए थे। अब जब मौसम साफ हुआ है, तो उन्होंने सड़क को ही सुखाई के लिए चुन लिया है। कई जगह किसानों ने मक्का को रोकने के लिए सड़क पर बड़े-बड़े पत्थर रख दिए हैं। दिन में किसान मक्का को पलटते और सुखाते हैं, जबकि रात में उसे तिरपाल से ढक देते हैं या हटा लेते हैं, लेकिन पत्थर सड़क पर ही पड़े रहते हैं, जो रात के समय वाहन चालकों के लिए गंभीर खतरा बन जाते हैं।
स्थानीय वाहन चालक राजेश परते का कहना है, रात में सड़क पर पड़े पत्थर और मक्का से फिसलने का डर बना रहता है। जगह इतनी कम होती है कि दो गाड़ियां आमने-सामने आने पर एक को रोकना पड़ता है। वहीं रमेश उइके ने बताया, यह रास्ता संकरा है और दोनों ओर मक्का फैली होने से कई बार बाइक सवार गिर चुके हैं। रात में यह स्थिति और खतरनाक हो जाती है।
यह मार्ग भौंरा, बानाबेहड़ा, बीजादेही और आसपास के कई गांवों को जोड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि उनके पास अनाज सुखाने के लिए पर्याप्त खुली जगह नहीं है, इसलिए वे मजबूरीवश सड़क का उपयोग कर रहे हैं। हालांकि यातायात जानकारों का कहना है कि सार्वजनिक सड़क पर मक्का सुखाना यातायात में बाधा उत्पन्न करता है और यह वाहन चालकों की सुरक्षा के लिए खतरा है। साथ ही इससे सड़क की सतह को भी नुकसान पहुंचता है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि किसानों को मक्का सुखाने के लिए अपने खेतों या निजी स्थानों का ही उपयोग करना चाहिए, ताकि यातायात और जन सुरक्षा दोनों प्रभावित न हों।
वर्तमान में इस मार्ग पर दिन-रात वाहन चालकों को सतर्कता से गुजरना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि यह स्थिति बनी रही तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।





