खबरवाणी
घोड़ाडोंगरी वार्ड क्रमांक 5 में निजी भूमि पर नगर पालिका द्वारा सड़क निर्माण
अंबेडकर वार्ड में निजी जमीन पर सड़क निर्माण का धमाका! अवैध कॉलोनी में सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप—निर्माण कार्य रोकने के लिए भूमिस्वामी को सड़क पर आना पड़ा
घोड़ाडोंगरी नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 5 अंबेडकर वार्ड में सड़क निर्माण को लेकर बड़ा घमासान खड़ा हो गया है। जमीन मालिक ने आरोप लगाया है कि नगर परिषद मिलीभगत से उनकी निजी भूमि पर सरकारी योजना (सीएम इंफ्रा-04) के धन से अवैध तरीके से सड़क बनाई जा रही है।
स्थिति इतनी बिगड़ी कि भूमि स्वामी को निर्माण रोकने के लिए सड़क पर आना पड़ा, जिसके बाद मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया।
जांच में खुलासा — निर्माण निजी भूमि पर, न शासकीय न पंचायत की
राजस्व विभाग, पुलिस और नगर परिषद की टीम मौके पर पहुंची।
राजस्व जांच में यह सामने आया कि
जिस स्थान पर रोड बनाई जा रही थी, वह भूमि निजी स्वामित्व की है।
भूमि स्वामीयो की रजिस्ट्री में सिर्फ कच्चा रास्ता दर्ज है, निर्माण निजी जमीन में किया जा रहा था।
भूमि न तो शासकीय है, न नगर परिषद के नाम।
यानी पूरा निर्माण नियमों को ताक पर रखकर शुरू कर दिया गया
नगर परिषद के अपने ही नियम टूटे — निर्माण की स्वीकृति लेते समय जिन नियम एवं दिशा निर्देश के आधार पर स्वीकृति दी जाती है उसका खुला उल्लंघन
नगर परिषद में निर्माण कार्य की स्वीकृति लेने के लिए जारी आधिकारिक निर्देशों के अनुसार:
— निजी/अवैध कॉलोनी में किसी प्रकार का निर्माण प्रतिबंधित
फिर भी अवैध कॉलोनी में सरकारी धन से सीसी रोड का निर्माण किया गया।
— निर्माण से पहले भूमि की स्वामित्व व तकनीकी जांच अनिवार्य
लेकिन इस मामले में
भूमि स्वामित्व की जांच नहीं हुई,
न सहमति ली गई,
न ही तकनीकी परीक्षण पूरे हुए।
यह नगर परिषद की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।
भूमिस्वामी के आरोप — “
यह भूमि उनकी है उनकी बिना अनुमति के नगर परिषद
उनकी भूमि पर अवैध रोड बना रही है उनके
विरोध करने के बावजूद अधिकारियों ने ठेकेदार ने मिलकर आधी रोड बना दी।
राजस्व रिकॉर्ड भी करता है पुष्टि — कॉलोनी अवैध
घोड़ाडोंगरी पटवारी केशवकांत कोसे ने बताया खसरा नंबर 722 अवैध कॉलोनी की श्रेणी में आता है।
इस खसरा नंबर में बाटांकन के बाद बने दो अन्य खसरा नंबर 722 /34/5, 722/35/7 में अवैध कॉलोनी निर्माण के तहत करवाई के लिए तहसील और नगर परिषद ने जाँच कर प्रस्ताव पूर्व में ही भेजे हैं
सरकारी धन का दुरुपयोग?
स्थानीय लोगो का कहना है:
निजी जमीन पर रोड बनाना ,
अवैध कॉलोनी में निर्माण करना,
और सीएम इंफ्रा योजना के पैसों का उपयोग करना,
सीधे-सीधे सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला है।
जिम्मेदारी तय — CMO और इंजीनियर पर बनती है कार्रवाई
तकनीकी स्वीकृति लेते समय जारी दिशा-निर्देशों और नियमों के हिसाब से—
मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO)
नगर परिषद इंजीनियर
निजी भूमि पर अवैध निर्माण के लिए प्रत्यक्ष रूप से जिम्मेदार माने जाते हैं।
यह मामला कार्रवाई योग्य श्रेणी में आता है।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
पूरे विवाद के बाद अवैध निर्माण और मिलीभगत के आरोपों को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है।
लोग मांग कर रहे हैं कि:
“निजी भूमि और अवैध कॉलोनी में सरकारी धन से रोड कैसे बना दी गई? इन ही नियमों का हवाले देकर नगर परिषद घोड़ाडोंगरी के अन्य वार्डो से भेदभाव रखते हुए निर्माण नहीं करती इसकी उच्चस्तरीय जांच हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।”।
निर्माण कार्य की डीपीआर और वर्क आर्डर मेरे आने के पहले तैयार हो गए थे भूमि कि मुझे जानकारी नहीं थी अभी काम रुकवा दिया है
महेश त्रिवेदी इंजीनियर नगर परिषद घोड़ाडोंगरी





