बधाई; पानी सहेजने में टॉप थ्री में बैतूल
जल संरक्षण में बैतूल ने देशभर में बनाई पहचान…
जिलेभर में बेहतर जल संरक्षण कार्यों के साथ वेस्टर्न जोन में बैतूल ने बनाया तीसरा स्थान
केंद्र सरकार से मिलेगी 25 लाख की पुरस्कार राशि
खबरवाणी न्यूज, बैतूल
जनसहभागिता से जल संरक्षण के कार्यों को सफलतापूर्वक पूरा करने में जनजातीय बाहुल्य बैतूल जिले ने देश में अपनी पहचान बनाई है। केंद्र सरकार के जल संसाधन और नदी विकास विभाग द्वारा जल शक्ति अभियान अंतर्गत प्रारंभ किए गए नवाचार ‘जल संचय जन भागीदारी’ अभियान में बैतूल जिले ने वेस्टर्न जोन में तृतीय स्थान हासिल किया है। इसके लिए जिले को 25 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान भी की जाएगी।
बैतूल कलेक्टर श्री नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी के सतत मार्गदर्शन और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अक्षत जैन के नेतृत्व में जिले ने यह उपलब्धि हासिल की हैं। एडिशनल सेक्रेटरी एवं मिशन डायरेक्टर नेशनल वॉटर मिशन ने कलेक्टर श्री सूर्यवंशी को इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए बधाई पत्र प्रेषित किया है।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अक्षत जैन ने बताया कि 1 अप्रैल 2024 से 31 मई 2025 तक जिले में 13499 जल संरक्षण कार्यों का सत्यापन किया गया है, जिसका अर्थ है कि यह सभी कार्य स्थल पर पूर्ण हो चुके हैं। इन कार्यों में खेत तालाब, स्टॉप डैम, कंटूर ट्रेंच, सोखपीट, चेक डैम, कपिलधारा, तालाब सौंदर्यीकरण आदि प्रमुख जल संरक्षण गतिविधियाँ शामिल रहीं।
जिले में जल संरक्षण के लिए एक व्यापक रणनीति अपनाई गई। इसमें उद्योगों, स्वयंसेवी संगठनों, स्वयं सहायता समूहों और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई। कम लागत और अधिक प्रभावी कृत्रिम पुनर्भरण संरचनाओं का निर्माण एवं पुराने जलस्रोतों का पुनर्जीवन किया गया। ग्रामीण अंचलों में हजारों कृत्रिम रिचार्ज स्ट्रक्चर और प्रत्येक गाँव में जल संरचनाएं स्थापित कर वर्षा जल संचयन को बढ़ावा दिया गया। स्थानीय संगठनों और जनसहभागिता से परियोजनाओं को स्थायित्व मिला। साथ ही नागरिकों को जागरूक करने के लिए लगातार अभियान चलाए गए। परिणामस्वरूप बैतूल जिले ने जल संरक्षण में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल कर देशभर में अपनी पहचान बनाई है।
वार्डों की पेजलय आपूर्ति में छूटता है पसीना
पानी सहेजने के काम में भले ही जिले ने देश में तीसरा स्थान बनाया हो, लेकिन शहरी क्षेत्र के वार्डों में होने वाली पेयजल सप्लाई में नगरपालिका को पसीना छूट जाता है। जब से ताप्ती जल सप्लाई शुरू हुई है तब से यदि कहीं भी पाइप लाइन में लीकेज या डेमैज होता है तो कई दिनों तक शहर की पानी सप्लाई लडख़ड़ा जाती है और शहरवासी भारी जलसंकट का सामना करने को मजबूर हो जाते हैं। इसके अलावा सप्लाई का मैनेजमेंट गर्मी के मौसम में भी फेल ही साबित होता है। वार्डों में टैंकरों से पानी सप्लाई करके संकट हल किया जाता है। कुल मिलाकर शहरी क्षेत्र में वाटर सप्लाई का मैनेजमेंट बुरी तरह से फेल साबित होता है।
बधाई; पानी सहेजने में टॉप थ्री में बैतूल जल संरक्षण में बैतूल ने देशभर में बनाई पहचान…
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