कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हाल ही में हरियाणा चुनावों में वोट चोरी का बड़ा आरोप लगाते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। उन्होंने दावा किया कि हरियाणा में करीब 25 लाख वोट चोरी हुए हैं। अब इस मामले में चुनाव आयोग (Election Commission) की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। आयोग ने राहुल गांधी के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कई कड़े सवाल उठाए हैं।
चुनाव आयोग ने क्या कहा?
चुनाव आयोग ने राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर जवाब देते हुए कहा कि हरियाणा में मतदाता सूची को लेकर एक भी अपील दर्ज नहीं हुई। फिलहाल 90 विधानसभा सीटों में से सिर्फ 22 याचिकाएं हाईकोर्ट में लंबित हैं। आयोग ने तीखे लहजे में पूछा – “कांग्रेस के पोलिंग एजेंट मतदान केंद्रों पर क्या कर रहे थे? अगर किसी मतदाता की पहचान को लेकर संदेह था, तो उस समय आपत्ति क्यों नहीं दर्ज कराई गई?”
राहुल गांधी का आरोप क्या था?
राहुल गांधी ने बुधवार को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया था कि हरियाणा में 25 लाख से ज्यादा वोट चोरी हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह एक “सेंट्रलाइज्ड वोट चोरी ऑपरेशन” था और कांग्रेस के कई उम्मीदवारों को इससे नुकसान हुआ। राहुल गांधी ने इसे लोकतंत्र के खिलाफ साजिश बताते हुए चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए थे।
आयोग का राहुल गांधी पर पलटवार
आयोग ने कहा कि यदि राहुल गांधी और कांग्रेस को मतदाता सूची में गड़बड़ी दिख रही थी, तो बीएलए (Booth Level Agents) ने संशोधन के दौरान आपत्ति क्यों नहीं जताई? आयोग ने पूछा, “क्या कांग्रेस ‘SIR’ सिस्टम का समर्थन करती है या विरोध?” यह सिस्टम डुप्लिकेट, मृत और ट्रांसफर मतदाताओं को हटाने और नागरिकता की जांच सुनिश्चित करने के लिए लागू किया गया है।
डुप्लिकेट वोटर पर आयोग का बयान
राहुल गांधी द्वारा दिखाए गए गवाह पर भी आयोग ने सवाल उठाए। आयोग ने कहा, “अगर ये लोग डुप्लिकेट वोटर हैं, तो राहुल गांधी को कैसे पता कि उन्होंने बीजेपी को वोट दिया? ये भी संभव है कि उन्होंने कांग्रेस को ही वोट दिया हो।” आयोग ने कहा कि बिना सबूत के इस तरह के आरोप जनता को गुमराह करने वाले हैं।





