Chirag Paswan Three Important Announcement:बिहार में नई सरकार बनने के बाद विभागों के बंटवारे से पहले चिराग पासवान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बड़ा राजनीतिक हमला बोला। चिराग ने सीधे-सीधे तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि “लालू प्रसाद यादव की दूसरी पीढ़ी में राजनीतिक क्षमता की कमी है।” इस दौरान उन्होंने अपनी पार्टी और राजनीति से जुड़ी तीन अहम जानकारी भी साझा की।
संघर्षों को याद कर हुए भावुक – ‘लोग मज़ाक उड़ाते थे, पर हम डटे रहे’
चिराग पासवान ने कहा कि लोक जनशक्ति पार्टी ने संघर्ष के कई दौर देखे।
उन्होंने याद दिलाया कि—
- 2009 में उनके पिता खुद चुनाव हार गए थे।
- पार्टी के पास न विधानसभा में नेता था, न संसद में।
- 2020 में उन्होंने सभी विपरीत परिस्थितियों के बीच अकेले चुनाव लड़ा।
- COVID के दौरान पिता अस्पताल में थे, फिर भी पार्टी 6% वोट लाने में सफल रही।
चिराग बोले— “अगर 2024 में पांच सांसद जीतने के बाद मैंने सोचा होता कि बस अब काफी है, तो आज मैं कहीं नहीं होता। हमने लगातार काम किया और जनता ने भरोसा दिखाया।”
तीन बड़ी घोषणाएँ – 28 नवंबर को फाउंडेशन डे से होगी शुरुआत
प्रेस कॉन्फ्रेंस में चिराग पासवान ने बताया कि पार्टी तीन महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है—
- 28 नवंबर को पार्टी अपना स्थापना दिवस धूमधाम से मनाएगी।
- सभी विधायक पार्टी की गवर्नेंस पॉलिसी पर काम करेंगे।
- नए साल से बिहार यात्रा शुरू होगी, जिसमें पार्टी नेता जनता से सीधे मिलकर समस्याएँ सुनेंगे और समाधान का रोडमैप तैयार करेंगे।
उन्होंने कहा कि जनता के मुद्दे ही उनके एजेंडा का केंद्र होंगे।
दलित सेना का होगा नये सिरे से गठन
चिराग पासवान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी कहा कि पार्टी जल्द ही “दलित सेना रामविलास” को दोबारा सक्रिय करेगी।
उन्होंने कहा— “दलित सेना हमारे साथ संघर्ष करती आई है, उसे हमसे अलग करना स्वीकार नहीं। हम इसे फिर से मजबूत रूप में खड़ा करेंगे।”
इसके लिए सांसद अरुण भारती को जिम्मेदारी दी गई है।
तेजस्वी पर सबसे तीखा वार – ‘दूसरी पीढ़ी नाकाम रही’
चिराग पासवान ने तेजस्वी यादव पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि RJD की दूसरी पीढ़ी राजनीतिक परीक्षा में फेल साबित हुई है। उनके मुताबिक—
- माता-पिता के समय में RJD लगातार मजबूत रही।
- तेजस्वी के नेतृत्व में पार्टी को लगातार हार मिली है।
चिराग बोले— “संघर्ष ही आपकी असली पहचान बनाता है। जब लड़ने की क्षमता नहीं हो, तो सवाल उठना स्वाभाविक है।”





