सरकार ने कार कंपनियों पर लगने वाले भारी जुर्माने के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। Prime Minister’s Office के निर्देश के बाद अब CAFE-2 नियमों के तहत कुल जुर्माना करीब ₹8,800 करोड़ से घटकर ₹2,700 करोड़ तक आ सकता है। देसी भाषा में कहें तो “कंपनियों की बड़ी टेंशन अब थोड़ी कम हो गई है”।
क्या है CAFE-2 नियम?
CAFE-2 Norms यानी Corporate Average Fuel Efficiency नियम के तहत कंपनियों को अपनी गाड़ियों का औसत माइलेज तय सीमा में रखना होता है। अगर गाड़ियां ज्यादा ईंधन खपत करती हैं, तो कंपनियों पर जुर्माना लगाया जाता है।
कैसे बदला जुर्माना कैलकुलेशन?
पहले जुर्माना बहुत ज्यादा था—₹10 लाख बेस फाइन और प्रति गाड़ी अतिरिक्त चार्ज। अब नई व्यवस्था में एक फिक्स स्टैंडर्ड (20.375) के आधार पर जुर्माना तय किया गया है। इससे कंपनियों का कुल जुर्माना काफी कम हो गया है।
किन कंपनियों को मिला फायदा, कौन हुआ प्रभावित?
नई व्यवस्था से Hyundai Motor India, Mahindra & Mahindra और Kia India जैसी कंपनियों को राहत मिली है। वहीं Honda Cars India और Renault India पर जुर्माना बढ़ गया है। यानी “किसी के लिए खुशखबरी, तो किसी के लिए झटका”।
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ग्राहकों पर क्या पड़ेगा असर?
अब सबसे बड़ा सवाल—इसका असर आम लोगों पर क्या होगा? अगर कंपनियों का खर्च कम होता है, तो भविष्य में गाड़ियों की कीमतों में थोड़ी राहत मिल सकती है। हालांकि ये सीधे-सीधे नहीं होगा, लेकिन “डीलर ऑफर या डिस्काउंट” के रूप में फायदा दिख सकता है।





