Budget 2026: नए साल के साथ ही देश की नजर अब बजट 2026 पर टिक गई है। माना जा रहा है कि केंद्रीय बजट 1 फरवरी 2026 को पेश किया जाएगा। बजट से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज देश के जाने माने अर्थशास्त्रियों और सेक्टर एक्सपर्ट्स के साथ अहम बैठक करने वाले हैं। इस बैठक में देश की मौजूदा आर्थिक हालत और आने वाले समय की रणनीति पर खुलकर चर्चा होने की उम्मीद है।
बजट 2026 से पहले क्यों अहम है यह बैठक
बजट से पहले पीएम मोदी की यह बैठक इसलिए खास मानी जा रही है क्योंकि इसमें जमीनी हालात और भविष्य की जरूरतों पर सीधे सुझाव लिए जाएंगे। अर्थशास्त्री सरकार को बताएंगे कि किन सेक्टरों पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है और किन नीतियों में बदलाव जरूरी है। यह बैठक सुबह 11 बजे होने वाली है।
अर्थव्यवस्था की मौजूदा हालत पर होगी बात
बैठक में देश की आर्थिक स्थिति, महंगाई, विकास दर और आम लोगों पर पड़ रहे असर को लेकर चर्चा हो सकती है। एक्सपर्ट्स सरकार को यह सलाह दे सकते हैं कि कैसे विकास को रफ्तार दी जाए और आम आदमी की जेब पर बोझ कम किया जाए। खासतौर पर मिडिल क्लास और गरीब वर्ग के लिए राहत के उपायों पर मंथन संभव है।
किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर फोकस
बजट 2026 में किसानों को लेकर बड़े ऐलान हो सकते हैं। इस बैठक में किसान योजनाओं, न्यूनतम समर्थन मूल्य, सिंचाई और ग्रामीण रोजगार पर चर्चा होने की संभावना है। सरकार किसानों की आमदनी बढ़ाने और खेती को मुनाफे का सौदा बनाने के लिए एक्सपर्ट्स से सुझाव ले सकती है।
रोजगार, निवेश और आत्मनिर्भर भारत
बैठक में रोजगार सृजन, स्किल डेवलपमेंट और विदेशी निवेश जैसे मुद्दे भी अहम रहेंगे। सरकार चाहती है कि ज्यादा से ज्यादा युवाओं को काम मिले और देश आत्मनिर्भर बने। इसके लिए मैन्युफैक्चरिंग, स्टार्टअप और मेक इन इंडिया जैसे अभियानों को और मजबूत करने पर चर्चा हो सकती है।
विकसित भारत 2047 का रोडमैप
सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि उसका लक्ष्य 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है। इसी विजन को ध्यान में रखते हुए बजट 2026 को काफी अहम माना जा रहा है। बैठक में स्ट्रक्चरल रिफॉर्म, एक्सपोर्ट बढ़ाने और नई आर्थिक नीतियों पर सलाह ली जा सकती है।
इस बैठक में नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी, सीईओ बीवीआर सुब्रह्मण्यम और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। साफ है कि बजट 2026 से पहले सरकार हर पहलू पर गहराई से सोच रही है, ताकि देश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई पर ले जाया जा सके।





