Blue Turmeric Benefits: हाल ही में संसद के शीतकालीन सत्र के बाद हुई चाय पर चर्चा में एक दिलचस्प बात सामने आई। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नीली हल्दी के फायदे बताए। प्रियंका गांधी ने बताया कि वह प्रदूषण से बचाव के लिए नीली हल्दी का सेवन करती हैं। इसके बाद लोगों में यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई कि आखिर यह नीली हल्दी क्या है और इसके फायदे क्या हैं।
क्या होती है नीली हल्दी
नीली हल्दी को काली हल्दी भी कहा जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम Curcuma caesia है। यह हल्दी आम पीली हल्दी से रंग और गुणों में अलग होती है। इसका अंदरूनी हिस्सा नीला और छिलका काला होता है। यह खासतौर पर पूर्वोत्तर भारत और आंध्र प्रदेश में पाई जाती है और आयुर्वेद में इसे औषधि के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
दर्द और सूजन में रामबाण
नीली हल्दी में भरपूर मात्रा में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। इसके सेवन से जोड़ों का दर्द, घुटनों की सूजन और मांसपेशियों की अकड़न में राहत मिलती है। पुराने दर्द से परेशान लोगों के लिए यह किसी देसी दवा से कम नहीं मानी जाती।
पेट की सेहत रखे दुरुस्त
अगर आपको कब्ज, गैस या अपच की शिकायत रहती है तो नीली हल्दी काफी फायदेमंद साबित हो सकती है। यह पाचन तंत्र को मजबूत करती है और पेट को साफ रखने में मदद करती है। नियमित लेकिन सीमित मात्रा में सेवन करने से पेट की कई समस्याएं दूर हो सकती हैं।
इम्युनिटी बढ़ाए और उम्र का असर कम करे
नीली हल्दी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट, फिनोलिक कंपाउंड और कैटेचिन शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है और बढ़ती उम्र का असर धीरे पड़ता है। यही कारण है कि प्रदूषण में रहने वाले लोगों के लिए इसे खास माना जाता है।
त्वचा और शुगर कंट्रोल में भी मददगार
नीली हल्दी त्वचा के लिए भी बेहद फायदेमंद है। यह मुंहासों को कम करती है और त्वचा में निखार लाती है। इसके अलावा इसमें पाए जाने वाले गुण ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में भी सहायक माने जाते हैं।
नीली हल्दी का सेवन कैसे करें
नीली हल्दी को सब्जी, सूप या काढ़े के रूप में लिया जा सकता है। इसे दूध में उबालकर भी पिया जा सकता है। ध्यान रखें कि इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करें, क्योंकि ज्यादा सेवन नुकसानदायक हो सकता है।
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