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आशीष वचन . महंत राधिकानंद जी बोले- शिव भक्ति से ही मन की शांति और मोक्ष संभव
आमला। हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजा नांदपुर; महाप्रसादी के साथ शिव महापुराण का समापन
आमला। ग्राम नांदपुर में राठौर परिवार द्वारा 9 मार्च से आयोजित नव दिवसीय शिव महापुराण ज्ञान यज्ञ कथा का मंगलवार को विधि-विधान के साथ समापन हुआ। 17 मार्च को कथा के अंतिम दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की महिमा का गुणगान सुना और पुण्य लाभ अर्जित किया।
कथावाचक ने दिए आशीष वचन
कथावाचक महंत सप्त ऋषि अखाड़ा श्री राधिकानंद जी ने अंतिम दिन की कथा में शिव विवाह और शिव तत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने अपने आशीष वचनों में कहा कि शिव भक्ति से ही मन की शांति और मोक्ष संभव है। कथा के दौरान पूरा वातावरण ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से गूंज उठा।
जग विसर्जन और महाप्रसादी के साथ विदाई
समापन दिवस पर विधि-विधान से पूजन-अर्चन के बाद जग विसर्जन की प्रक्रिया संपन्न हुई। इसके पश्चात महाभोजन प्रसादी विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें नांदपुर सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। आयोजन के दौरान पूरा वातावरण ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गुंजायमान रहा।





