bjp : भारतीय जनता पार्टी अब सिर्फ मौजूदा राजनीति तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि आने वाले दशकों की राजनीति की मजबूत नींव भी रख रही है। इसी सोच के तहत पार्टी ने संगठन को मजबूत करने और भविष्य की लीडरशिप तैयार करने की दिशा में एक बड़ा और सोचा समझा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के युवा राजनीति के विजन को जमीन पर उतारने की जिम्मेदारी अब युवा नेतृत्व को सौंपी जा रही है।
मोदी के विजन को जमीन पर उतारने की तैयारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लंबे समय से युवाओं को राजनीति से जोड़ने की बात करते रहे हैं। लाल किले से दिए गए अपने संबोधन में उन्होंने एक लाख युवाओं को राजनीति में लाने का आह्वान किया था। उसी दिशा में बीजेपी ने देशभर से एक हजार होनहार युवा कार्यकर्ताओं को आगे लाने की योजना बनाई है। यह योजना मोदी के विजन और युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की रणनीति का साझा रोडमैप मानी जा रही है।
25 से 40 साल के युवाओं पर भरोसा
इस योजना के तहत 25 से 40 वर्ष की आयु वर्ग के युवाओं का चयन किया जा रहा है। चयन के बाद इन युवाओं को तीन वर्षों तक वैचारिक, संगठनात्मक और राजनीतिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसका मकसद ऐसा मजबूत कैडर तैयार करना है जो पार्टी की विचारधारा को गांव गांव तक पहुंचा सके और आने वाले चुनावों में निर्णायक भूमिका निभा सके।
तीन साल की ट्रेनिंग, फिर बड़ी जिम्मेदारी
तीन साल की इस तैयारी के बाद लगभग 200 युवाओं को बीजेपी के केंद्रीय और राज्य स्तरीय संगठनों में अहम जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी। करीब 300 युवाओं को विभिन्न आयोगों, उपक्रमों और समितियों में जगह दी जाएगी। वहीं लगभग 500 युवाओं को अलग अलग स्तर पर भविष्य के राजनीतिक नेतृत्व के रूप में तैयार किया जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया सीधे राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की निगरानी में आगे बढ़ रही है।
सामाजिक संतुलन और क्षेत्रीय समीकरण का ध्यान
युवाओं के चयन में सामाजिक संतुलन और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व पर खास जोर दिया गया है। संघ से जुड़े संगठनों, सामाजिक मंचों और बीजेपी से संबद्ध संस्थाओं से व्यापक चर्चा के बाद नाम तय किए गए हैं। इन युवाओं को नवाचार, कौशल विकास, सामाजिक सेवा, व्यापार और जनसंपर्क जैसे क्षेत्रों से चुना गया है, ताकि संगठन को जमीनी ताकत के साथ प्रोफेशनल सोच भी मिले।
Read Also:Oppo Find N6 की एंट्री करीब, फोल्डेबल फोन में मच सकता है तहलका
राज्यों के हिसाब से तय हुआ कोटा
राजनीतिक दृष्टि से अहम राज्यों को प्राथमिकता दी गई है। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य से करीब 110 युवाओं को चुना जाएगा। बिहार से लगभग 70, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश से 60 और 50 युवाओं को शामिल किया जाएगा। वहीं छोटे राज्यों से भी 15 से 20 युवाओं को इस योजना में जगह मिलेगी।
मोदी के विजन और नितिन नवीन की युवा नेतृत्व शैली के साथ बीजेपी अब अगली पीढ़ी की राजनीति की तस्वीर गढ़ने में जुट गई है। यह साफ संकेत है कि पार्टी भविष्य की कमान युवाओं के मजबूत कंधों पर सौंपने की तैयारी कर चुकी है।





