सरकार का बड़ा फैसला, 33,660 करोड़ की योजना
केंद्र सरकार ने देश की इंडस्ट्रियल ग्रोथ को तेज करने के लिए ‘भाव्या’ (भारत इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट स्कीम) को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत पूरे देश में 100 नए इंडस्ट्रियल पार्क बनाए जाएंगे। इस पर कुल ₹33,660 करोड़ खर्च किए जाएंगे। भाई, सीधी बात ये है कि सरकार चाहती है कि इंडिया मैन्युफैक्चरिंग में आगे बढ़े और ज्यादा से ज्यादा फैक्ट्रियां लगें, ताकि नौकरियां भी बढ़ें।
Plug-and-Play मॉडल: झंझट खत्म, काम शुरू
इस योजना की सबसे खास बात है इसका ‘Plug-and-Play’ मॉडल। मतलब, कंपनियों को बेसिक सुविधाओं के लिए भाग-दौड़ नहीं करनी पड़ेगी। बिजली, पानी, रोड, ड्रेनेज—सब पहले से सेट रहेगा। कंपनी आएगी और सीधे काम चालू कर देगी। इससे टाइम भी बचेगा और पैसा भी। छोटे-बड़े सभी उद्योगों को इसका फायदा मिलने वाला है।
जमीन और फाइनेंस पर सरकार का फुल सपोर्ट
सरकार हर इंडस्ट्रियल पार्क के लिए जमीन डेवलपमेंट में भी मदद देगी। प्रति एकड़ ₹1 करोड़ तक की सहायता दी जाएगी। जनरल राज्यों में कम से कम 100 एकड़ जमीन जरूरी रखी गई है, जबकि पहाड़ी और नॉर्थ-ईस्ट राज्यों के लिए ये लिमिट 25 एकड़ है। मतलब सरकार हर तरह के इलाकों को कवर करना चाहती है।
ग्रीन एनर्जी और मॉडर्न इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर
अब सिर्फ फैक्ट्री लगाना ही नहीं, बल्कि स्मार्ट और ग्रीन इंडस्ट्री बनाना भी फोकस है। जिन जगहों पर ग्रीन एनर्जी का इस्तेमाल होगा, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर होगा और Ease of Doing Business अच्छा होगा—उन्हें ज्यादा प्राथमिकता मिलेगी। अंडरग्राउंड पाइपलाइन, केबलिंग जैसी सुविधाएं भी इन पार्क्स में होंगी। यानि पूरा सेटअप एकदम मॉडर्न और झकास रहेगा।
रोजगार और ‘Make in India’ को मिलेगा तगड़ा धक्का
सरकार का अनुमान है कि इस योजना के तहत करीब 34,000 एकड़ जमीन पर इंडस्ट्री लगेगी। इससे लाखों युवाओं को रोजगार मिलेगा। साथ ही ‘Make in India’ अभियान को भी जबरदस्त सपोर्ट मिलेगा। कुल मिलाकर, ये योजना इंडिया को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकती है।
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