Betul News – रिश्वत मामले में डिप्टी रेंजर सहित दो बीट गार्ड सस्पेंड

जेसीबी छोडऩे के लिए मांगी थी 1 लाख रुपए की रिश्वत

Betul News – बैतूल – अवैध उत्खनन कर रही एक जेसीबी को पकडक़र उसे छोडऩे के लिए 1 डिप्टी रेंजर और 2 बीट गार्ड द्वारा जेसीबी संचालक से 1 लाख रुपए की रिश्वत मांगी जा रही थी। जेसीबी संचालक ने रिश्वत देते हुए और तीनों के द्वारा रिश्वत लेते हुए सीसीटीवी कैमरे के फुटेज डीएफओ को देते हुए शिकायत की थी। इस मामले में डीएफओ ने तीनों को सस्पेंड कर विभागीय जांच भी प्रारंभ कर दी है। जेसीबी वन क्षेत्र में अवैध उत्खनन कर रही थी जिसे तीनों ने पकड़ा था।

अवैध उत्खनन करते पकड़ी थी जेसीबी

प्राप्त जानकारी के अनुसार दक्षिण वन मंडल के आमला रेंज के अंतर्गत सांपना के पास कोपरा मिट्टी का जेसीबी अवैध उत्खनन कर रही थी। सूचना मिलने पर जेसीबी को डिप्टी रेंजर सीमा चौकीकर, बीट गार्ड अभिषेक दीक्षित और पंकज सातनकर को साथ लेकर मौके पर पहुंची। उन्होंने यहां रंगे हाथों एक जेसीबी को कोपरा मुरम खनन करते हुए पकड़ लिया था। जेसीबी के ड्राईवर ने इसकी सूचना अपने मालिक को दी। सूचना देने पर मालिक भी वहां पहुंच गया। बताया गया कि जेसीबी मालिक को जेसीबी राजसात करने की चेतावनी दी गई, लेकिन मामला रफादफा करने में सहमति बन गई

मांगे 1 लाख, मामला 80 हजार में हुआ तय | Betul News

जानकारी के मुताबिक जेसीबी मशीन छोडऩे के लिए वन विभाग के कर्मचारियों और जेसीबी मालिक के बीच सौदा तय हुआ था। डिप्टी रेंजर द्वारा 1 लाख रूपए मांगे जा रहे थे, लेकिन यह मामला 80 हजार रूपए में तय होने की खबर है। चूंकि मामला कुछ ही दिन पुराना है, इसलिए पूरे क्षेत्र में इसकी चर्चा हो रही है। 80 हजार की रिश्वत के लिए जेसीबी मालिक और वनकर्मियों के बीच एक रेस्टारेंट में स्थान तय हुआ। कुछ दिनों पहले रेस्टारेंट में अधिकारियों और जेसीबी मालिक के बीच बैठक हुई। इसके बाद 80 हजार की रकम वन कर्मियों को दी गई। यह पूरा मामला रेस्टारेंट में लगे दो अलग-अलग सीटीवी कैमरे में कैद हो गया।

डीएफओ को शिकायत के बाद कार्रवाई

इस मामले में जेसीबी मालिक ने दक्षिण वन मंडल के डीएफओ विजयानंत टीआर को सीसीटीवी फुटेज के आधार पर शिकायत की थी, चूंकि मामला सीधे रिश्वत से जुड़ा था। इसके बाद उन्होंने अधीनस्थ अधिकारियों की जांच टीम बनाई। जांच टीम ने वीडियो फुटेज देखकर घटना स्थल जाकर मामले की पुष्टि की। इसमें डिप्टी रेंजर सीमा चौकीकर, बीटगार्ड अभिषेक दीक्षित और पंकज सातनकर रिश्वत लेने के दोषी पाए गए। इसके बाद तीनों को डीएफओ ने निलंबित कर दिया है।

इनका कहना…

हमको इस संबंध में वीडियो फुटेज मिले थे। जांच में डिप्टी रेंजर और दोनों बीट गार्ड द्वारा रिश्वत लेने की पुष्टि हुई है, इसलिए तीनों को निलंबित किया जाकर विभागीय जांच शुरू कर दी है।

विजयानंत टीआर, डीएफओ, दक्षिण सामन्य वन मंडल, बैतूल