Betul News – नितिन का झाडक़ुंड में राहुल का भडूस में मिला शव

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कार सहित हाथी नाले में रविवार की रात बहे थे दोनों युवक

Betul Newsबैतूल जिले में 25 तारीख की रात को हुई मूसलाधार बारिश के चलते महज 3 घंटे के भीतर ही 5 इंच पानी बरसने से नदी-नाले उफान पर आ गए थे। इसी दौरान जिला मुख्यालय के दो युवक कार सहित हाथी नाले में बह गए थे। कल शाम सूचना मिलने पर इनकी कार माचना नदी के पास हाथी नाले में मिली थी। वहीं झारकुंड के पास माचना नदी में एक युवक का शव मिला था। जबकि दूसरे का शव आज माचना नदी में ही इमलीढाना भडूस के पास मिल गया है। पुलिस ने शिनाख्त की कार्यवाही कर इसकी पुष्टि भी कर दी है। शव मिलने के बाद परिजन भी मौके पर पहुंच गए हैं।

हाथी नाले में मिली कार, माचना में मिले शव | Betul News

रविवार रात्रि में तेज बारिश में कार सहित बहे दोनों युवकों की कार हाथी नाले में गंज मोक्षधाम के पास उल्टी हालत में पड़ी मिली जिसे मंगलवार को पुलिस द्वारा निकाला गया। इसके अलावा नितिन तिवारी (24) निवासी हमलापुर का शव झाडक़ुंड के पास माचना नदी में मिला। वहीं घटना के बाद से ही एसडीईआरफ की टीम लगातार नदी में सर्चिंग कर रही थी। इस दौरान राहुल शर्मा (32) का शव भी इमलीढाना भडूस के पास मिल गया है। इमलीढाना में मिले शव मिलने की सूचना पर पुलिस और परिजन मौके पर पहुंच गए हैं।

ढाबे से पौने तीन बजे हुए थे घर के लिए रवाना

गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस दोनों लापता युवकों की लगातार तलाश कर रही थी। इसी दौरान बडोरा के एक ढाबे पर राहुल शर्मा और नितिन तिवारी खाना खाने गए थे वहां से पुलिस को जानकारी मिली कि खाना खाने के बाद दोनों पौने 3 बजे ढाबे से बाहर निकले और कार से अपने घर रवाना हो गए। सीडीआर से जानकारी मिली कि रात लगभग एक बजे राहुल ने अपनी माँ और पत्नी से फोन पर बात की। वहीं नितिन ने भी अपनी माँ से बात की और कहा कि मैं लेट हो आऊंगा घर के दरवाजे खुले रखना।

रैलिंग होती तो नहीं होता हादसा | Betul News

अंडरब्रिज से बडोरा की ओर जाने वाले मार्ग पर हाथी नाला क्रास होता है और यही नाला आगे जाकर मोक्षधाम के पास माचना में मिलता है। रविवार रात्रि में बही कार मोक्षधाम के पास झाडिय़ों में मिली है। बताया जा रहा है कि यह कार अंडरब्रिज से मोक्षधाम की ओर आने वाले मार्ग पर हाथी नाले की पुलिया से नीचे गिरी है और बहकर मोक्षधाम के पास उल्टी मिली थी। हाथी नाले के पास रैलिंग टूटी हुई है। यदि यह रैलिंग चार फीट ऊंची भी होती तो हादसा नहीं होता। रेलवे द्वारा अंडर ब्रिज का जीर्णोंद्धार तो किया गया यदि उस समय रैलिंग पर ध्यान दिया जाता तो हादसा नहीं होता। क्योंकि तेज बारिश में पानी इतना तेजी से बहता है और रैलिंग के अभाव में यह समझ नहीं आता है कि सडक़ कहां तक है और नाला कहां से शुरू हो रहा है।

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