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Betul News – फर्जी शिक्षा अधिकारी – MLAरेस्टहाऊस में होते थे दस्तावेज के सत्यापन

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सात पीडि़त और आए सामने जिनसे लिए थे 10 लाख रुपए, एसपी सिद्धार्थ चौधरी ने किया मामले का खुलासा

Betul Newsबैतूल मध्यप्रदेश शिक्षा बोर्ड का अपने आप को शिक्षा अधिकारी बताने वाला फर्जी शिक्षा अधिकारी विशाल जैसवाल पर लगातार शिकंजा कसता जा रहा है और मामले की परतें खुलती जा रही हैं। पहले जहां लोकेश कुमार नामदेव सामने आए थे तो वहीं बुधवार की शाम दिलीप सुजाने नाम का पीडि़त सामने आया और उसने बैतूलबाजार थाने में विशाल जैसवाल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है कि उसके और अन्य साथियों के साथ आरोपी ने ठगी की है। इस मामले में भी 10 लाख रुपए लिए जाने का उल्लेख किया गया है।

एसपी सिद्धार्थ चौधरी ने किया खुलासा | Betul News

पुलिस कंट्रोल रूम में आज आयोजित पत्रकारवार्ता के दौरान एसपी सिद्धार्थ चौधरी ने फर्जी शिक्षा अधिकारी मामले में खुलासा करते हुए बताया कि इस मामले में पांच आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है। इनके खिलाफ धारा 420, 467, 468, 470, 471, 34 के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया था जिसमें आरोपी विशाल जैसवाल, प्रेमचंद जैसवाल, सुशीला जैसवाल, अंजना जैसवाल और अन्य सहआरोपी शुभम जोशी को गिरफ्तार किया गया है।

इनके खिलाफ आरोप है कि सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों के साथ ठगी करते थे। इनके पास से फर्जी सील, दो मोबाइल, लैपटॉप, फर्जी नियुक्ति पत्र एवं अन्य अवैध रूप से तैयार किए गए फर्जी दस्तावेज जब्त किए गए हैं। शुभम जोशी की गिरफ्तारी भोपाल से की गई है। आरोपी शुभम भोपाल के सात नं. बस स्टाप पर एमपी ऑनलाइन का काम करता था। विशाल जैसवाल अपने ठगी के काम में उसकी मदद लेता था।

वाटरमार्क पेपर पर बनते थे फर्जी दस्तावेज

श्री चौधरी ने बताया कि ठगी के मामले में लोगों को लालच देने के लिए जो फर्जी दस्तावेज तैयार किए जाते थे वो वॉटर मार्क पेपर पर जिसमें भारत सरकार का लोगो लगा रहता था इसके अलावा लेटरहेड पर भारत सरकार का चिन्ह एवं माध्यमिक शिक्षा मंडल मध्यप्रदेश का लोगो को प्रिंट है। जो दस्तावेज बरामद हुआ है उसमें लिखा है कि भारतीय माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा सीधी भर्ती की जाती है और इसमें 35 हजार 503 रुपए प्रतिमाह वेतन पर स्थायी पद पर नियुक्ति की जाएगी।

इस लेटरहेड पर बेसिक शिक्षा अधिकारी वीएल जैसवाल भी प्रकाशित है और उस पर सील भी लगी हुई है। श्री चौधरी ने बताया कि आरोपी के मोबाइल से जो डाटा मिला है उससे पता चला है कि 120 से अधिक लोगों को फर्जी नियुक्ति पत्र दिए गए हैं।

बैंक ट्रांजेक्शन की होगी जांच | Betul News

पत्रकारों के सवाल पर एसपी श्री चौधरी ने बताया कि आरोपी ठगी के मामले में नगद राशि के अलावा ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कर रुपए लेता था। मोबाइल की जांच में कुछ ट्रांजेक्शन सामने आया है। आरोपी ने पुराना ट्रांजेक्शन डिलीट हो जाता है। इसको लेकर पुलिस बैंक से इसका ट्रांजेक्शन निकलवाएगी जिससे साफ हो जाएगा कि इसने कितने लोगों से रुपया लिया है। हो सकता है कि यह राशि करोड़ों में जाए।

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उन्होंने यह भी बताया कि आरोपी का पूरा परिवार इस मामले में लिप्त था। अभी तक दो शिकायतें सामने आई हैं। और भी शिकायतें आने की संभावनाएं हंै। श्री चौधरी ने यह भी बताया कि बैतूल के अलावा सीहोर और नर्मदापुरम में भी ठगी की गई है।

7 पीडि़त आए सामने

फर्जी शिक्षा अधिकारी के पुलिस के शिकंजे में आने पर और भी पीडि़त सामने आने लगे हैं। बुधवार की शाम को आठनेर थाना क्षेत्र के कोयलारी निवासी दिलीप पिता रामजी सुजाने ने बैतूलबाजार थाने में शिकायत दर्ज कराई है कि उसके दोस्त योगेश ने बताया कि विशाल जैसवाल नाम का व्यक्ति लोगों को नौकरी लगा रहा है।

इसको लेकर जब उसने विशाल जैसवाल से संपर्क किया तो दिलीप को शिक्षा विभाग में कम्प्यूटर क्लर्क की नौकरी लगवा देने का लालच देकर 5 लाख रुपए की मांग की। 2 लाख पहले और 3 लाख नौकरी लगने के बाद। दिलीप झांसे में आ गया और उसने अपने साथी अरविंद हारोड़े, अजय सूर्यवंशी, प्रीति घिडोडे, राहुल पाल, योगेश मायवाड़ एवं विजय बोरवन से भी नौकरी के प्रलोभन में धोखाधड़ी की।

इन सभी को फर्जी सील लगाकर नियुक्ति प्रमाण पत्र दिए गए और इनसे 10 लाख रुपए आरोपी के द्वारा लिए गए। बैतूलबाजार पुलिस ने दिलीप की शिकायत पर आरोपी विशाल जैसवाल के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला पंजीबद्ध कर लिया है।

एमएलए रेस्ट हाऊस में होता था सत्यापन | Betul News

फर्जी शिक्षा अधिकारी मामले में ठगी का शिकार हुए दिलीप सुजाने ने पुलिस को चौंकाने वाले बयान दिए हैं। बताया जा रहा है कि दिलीप को नौकरी लगाने का लालच देकर उसे विशाल जैसवाल ने सबसे पहले बडोरा के शिवलोक सिटी स्थित अपने घर पर बुलाया और बोला कि कागज की फोटोकापी लेकर भोपाल के एमएलए रेस्ट हाऊस नं. 3 में आ जाना वहां पर तुम्हारे कागज का सत्यापन करूंगा।

घर पर ही डेढ़ लाख रुपए उससे लिए गए। इसके बाद दिलीप एमएलए रेस्ट हाऊस नं. 3 भोपाल पहुंचा और वहां विशाल जैसवाल और उसके तीन-चार साथी थे। एमएलए रेस्ट हाऊस में विशाल जैसवाल ने दिलीप को बेसिक शिक्षा अधिकारी लगी सील वाला फर्जी नियुक्ति प्रमाण दिखाया और बताया कि 10-15 दिन में पोस्ट आफिस के माध्यम से यह नियुक्ति पत्र आपके घर पहुंच जाएगा।

इनकी रही भूमिका

पत्रकारवार्ता में एसपी सिद्धार्थ चौधरी, एएसपी नीरज सोनी, एसडीओपी सृष्टि भार्गव उपस्थित थे। इस मामले में गंज टीआई एबी मर्सकोले, एसआई रवि शाक्य, मोनिका पटेल, फतेबहादुर सिंह, एएसआई प्रवीण पचौरी, उमेश बिल्लोरे, मेघराज लोहिया, हवलदार संदीप इमना, उमेश टेकाम, आरक्षक अतुल, सुभाष, मनीषा, रीना की सराहनीय भूमिका रही।

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