सांध्य दैनिक खबरवाणी, बैतूल:- नगर की खस्ताहाल सडक़ों से निपटने के लिए प्रशासन से व्हाईट टॉपिंग नामक नई तकनीक से सडक़ बनाने का फैसला लिया जिसमें नगर की थाना रोड कोठीबाजार से स्टेडियम तक एवं लल्ली चौक से नेहरूपार्क चौपाटी तक बनाई जानी है। जिसका निर्माण कार्य भरी बारिश में शुरू किया गया है, पूर्व में सडक़ तीन मीटर चौड़ी थी जिसे अब 7 मीटर चौड़ा बनाया जा रहा है और इस बढ़ी हुई चौड़ाई के लिए काली गिट्टी का बेस डाला गया था जिसके ऊपर व्हाईट टॉपिंग अर्थात सीमेंट की सडक़ बनाई जाएगी। यह सडक़ पीडब्ल्यूडी के अंतर्गत आती है और जिसका ठेका मेसर्स कपिल शर्मा भोपाल को मिला है। टेंडर की शर्तों के अनुसार इस सडक़ की पांच वर्षों की वारंटी है, जिसमें खराब होने पर रख रखाव की जिम्मेदारी ठेकेदार फर्म की है। हालांकि हर सडक़ के निर्माण में इसी तरह की निविदा शर्तें होती हैं, पर सडक़ बनने के बाद जब भुगतान हो जाता है तब ठेकेदार पलटकर नहीं आता और न ही अधिकारी इस ओर ध्यान देते हैं बल्कि वारंटी सीमा के भीतर ही रखरखाव के लिए दूसरी स्थानीय फर्म को ठेका देकर काम करवा दिया जाता है
1. व्हाईट टॉपिंग सडक़ की ऊंचाई वर्तमान सडक़ से लगभग 8 इंच ऊंची है, जिसके कारण वर्षा ऋतु में जलभराव की स्थिति बनेगी और बारिश का पानी इस सडक़ के दोनों तरफ रहने वाले रहवासियों और व्यापारियों के प्रतिष्ठानों में भरेगा। वहीं विशेषकर दो पहिया वाहन चालकों के दुर्घटनाग्रस्त होने की संभावना बहुत ज्यादा बढ़ जाएंगी, चूंकि सडक़ और जमीन के स्तर में 8 इंच का फर्क है। बारिश में शुरू हुआ निर्माण जिस गति से चल रहा है उसके हिसाब से काम समाप्त होने में लगभग दो माह का समय लग सकता है।
अर्थात पूरा निर्माण बारिश के मौसम में किया जाएगा। जिससे गुणवत्ता बुरी तरह प्रभावित होगी। गुरुवार और रविवार को साप्ताहिक बाजार के चलते इस क्षेत्र में इतनी भीड़ हो जाती है कि पैदल चलना दूभर हो जाता है इस सडक़ के दोनों ओर सब्जी व्यापारी दुकान लगाते हैं सडक़ की ऊंचाई उनके लिए भी परेशानी खड़ी करेगी।
– इनका कहना है
यह सही है कि निर्माण कार्य शुरू होने में देरी हो गई और बारिश शुरू होने से निर्माण कार्य में परेशानी आ रही है, पिछले दो दिनों से लगातार बारिश होने से काम रुका हुआ है वहीं क्षेत्रवासी दिन में काम करने पर आपत्ति लेते हैं जिससे रात में काम करना पड़ रहा है। टेंडर की शर्तों के अनुसार इस सडक़ की पांच वर्षों की वारंटी एवं रख रखाव की जिम्मेदारी ठेकेदार की है।
– हरिओम परमार, सब इंजीनियर पीडब्ल्यूडी
इनका कहना है
निश्चित तौर पर सडक़ की ऊंचाई ज्यादा होने से बारिश का पानी घरों और दुकानों में घुसेगा और जो पहले से नाली बनी है वह भी चोक है। जिससे पानी निकलने की संभावना नहीं है वहीं बारिश में निर्माण होने से सडक़ की गुणवत्ता भी प्रभावित होगी और क्षेत्रवासियों को अभी भी यातायात की समस्या आ रही है। पिछले कई दिनों से रोज दुर्घटना हो रही है और वाद विवाद की स्थिति बन रही है।
– प्रफुल्ल गोठी, सराफा व्यवसायी कोठीबाजार
इनका कहना है
हमारे घर के सामने जो बेस डाला था उसकी स्थिति तालाब जैसी हो गई है। अगर इस बेस पर सडक़ बनाई जाएगी तो कितने दिन चलेगी इसका भगवान ही मालिक है। कुछ समय पहले जेसीबी मशीन से कहीं कहीं पाइप डाले थे पर जब तक रोड के दोनों तरफ पूरी तरह से नाली नहीं बनेगी तब तक पानी रोड के दोनों तरफ मकानों एवं दुकानों में भरेगा। प्रशासन को कम से कम यह सडक़ बारिश के पहले या बारिश खत्म होने के बाद बनानी थी।
– आशीष गर्ग, अधिवक्ता, कोठीबाजार





