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टेस्ट सीरीज़ में हार के बाद कप्तान शुभमन गिल का बड़ा प्लान, BCCI से मांगा 15 दिन का रेड बॉल कैंप – कितना होगा कामयाब?

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BCCI : भारतीय टेस्ट टीम को हाल ही में घरेलू मैदान पर करारी हार का सामना करना पड़ा। साउथ अफ्रीका के खिलाफ 0-2 से टेस्ट सीरीज़ गंवाने के बाद अब कप्तान शुभमन गिल ने भविष्य को लेकर बड़ा और सख्त कदम सुझाया है। गिल ने BCCI के सामने हर टेस्ट सीरीज़ से पहले 15 दिन का रेड बॉल प्रिपरेशन कैंप लगाने का प्रस्ताव रखा है। अब सवाल यह है कि यह प्लान कितना व्यावहारिक और फायदेमंद साबित होगा।

टेस्ट हार के बाद बदला सोच का एंगल

पिछले 13 महीनों में भारत को लगातार घरेलू टेस्ट सीरीज़ में हार झेलनी पड़ी है। इसी ने टीम मैनेजमेंट और कप्तान शुभमन गिल को सोचने पर मजबूर किया। गिल का मानना है कि टेस्ट क्रिकेट में जीत सिर्फ टैलेंट से नहीं, बल्कि ठोस तैयारी और समय से आती है। बिना सही प्रैक्टिस के मैदान में उतरना अब भारी पड़ रहा है।

क्यों जरूरी है 15 दिन का रेड बॉल कैंप

BCCI से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, शुभमन गिल ने साफ कहा कि टीम को टेस्ट सीरीज़ से पहले लंबा और फोकस्ड कैंप चाहिए। इस सीज़न में लगातार शेड्यूल की वजह से खिलाड़ियों को रेड बॉल की तैयारी का वक्त नहीं मिला। गिल का मानना है कि नेट्स, इंट्रा-स्क्वॉड मैच और फिटनेस ड्रिल्स के लिए 15 दिन का कैंप टीम को मानसिक और तकनीकी रूप से मजबूत बनाएगा।

लगातार सीरीज़ बना रहीं हैं मुश्किल

भारत का इंटरनेशनल कैलेंडर बेहद टाइट है। एशिया कप जीतने के चार दिन बाद ही टीम को टेस्ट खेलना पड़ा। खिलाड़ी सीधे व्हाइट बॉल क्रिकेट से रेड बॉल फॉर्मेट में कूद गए। ऐसे में फॉर्मेट स्विच करना आसान नहीं होता। यही वजह है कि गिल अब इस जल्दबाजी को रोकना चाहते हैं।

कप्तान गिल को मिल सकती है बड़ी भूमिका

रिपोर्ट्स के मुताबिक BCCI अब शुभमन गिल को सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं रखना चाहती। उन्हें टीम प्लानिंग और तैयारी में लीड रोल दिया जा सकता है। चयनकर्ता और बोर्ड मानते हैं कि रोहित शर्मा के बाद टीम को एक मजबूत और दूरदर्शी कप्तान चाहिए, और गिल उस रोल में फिट बैठते हैं। टेस्ट और वनडे टीम की कमान अब पूरी तरह गिल के हाथ में जाती दिख रही है।

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क्या ये प्लान जमीन पर उतर पाएगा?

हालांकि यह आइडिया जितना दमदार है, उतना ही मुश्किल भी। बिजी शेड्यूल, IPL, व्हाइट बॉल सीरीज़ और खिलाड़ियों की थकान बड़ी चुनौती है। ऐसे में BCCI को बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और VVS लक्ष्मण जैसे अनुभवी कोच की मदद लेनी पड़ सकती है। अगर सही तालमेल बैठ गया, तो यह प्लान भारतीय टेस्ट क्रिकेट की किस्मत बदल सकता है।

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