खबरवाणी
सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के लिए जागरूकता अभियान
विश्व हिंदू परिषद ने कहा,उद्देश्य किसी धर्म का विरोध नहीं, बच्चों को उनकी जड़ों से जोड़ना
भौंरा। जिले सहित शाहपुर विकासखंड में बुधवार को विश्व हिन्दू परिषद एवं बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने विभिन्न स्कूलों में पहुंचकर प्राचार्यों से चर्चा की और बिना अभिभावकों की अनुमति हिंदू बच्चों को सांता क्लॉज बनाने पर आपत्ति दर्ज कराई। कार्यकर्ताओं ने स्कूल प्रबंधन को समझाइश दी कि विद्यालयों में किसी भी छात्र को अभिभावकों की सहमति के बिना इस प्रकार की गतिविधियों में शामिल न किया जाए।
कार्यकर्ताओं का कहना था कि बिना अनुमति बच्चों को सांता क्लॉज की वेशभूषा पहनाना हिंदू संस्कृति की भावनाओं को आहत करने वाला कदम है। उनका आरोप है कि इससे बच्चों को ईसाई धर्म की ओर प्रेरित करने का संदेश जाता है, जिसे वे अनुचित मानते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सांता क्लॉज की ड्रेस, ट्री व अन्य सामग्री पर होने वाला खर्च आर्थिक रूप से अभिभावकों पर अनावश्यक बोझ डालता है।
इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री श्याम राठौर ने कहा कि बच्चों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना चाहिए। उन्होंने स्कूलों से आग्रह किया कि वे हिंदू बच्चों को सनातनी परंपरा के महापुरुषों—श्रीराम, श्रीकृष्ण, भगवान बुद्ध, भगवान महावीर, गुरु गोविंद सिंह एवं क्रांतिकारी महापुरुषों के चरित्रों से प्रेरित करें, न कि सांता क्लॉज के रूप में प्रस्तुत करें। वहीं विश्व हिंदू परिषद के शिवम चौरे ने कहा कि संगठन का उद्देश्य किसी भी धर्म विशेष के विरोध के बजाय बच्चों की सांस्कृतिक पहचान की रक्षा करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में बिना अभिभावकीय अनुमति के ऐसी गतिविधियां कराई जाती हैं तो संगठन पुनः संवाद करेगा।
स्कूल प्रबंधन की ओर से कुछ प्राचार्यों ने बताया कि वे अभिभावकों की सहमति और सामाजिक संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए ही गतिविधियां आयोजित करते हैं और इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देशों पर पुनर्विचार किया जाएगा।





