Atal Bihari Vajpayee Birth Anniversary: भारत रत्न से सम्मानित पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी सिर्फ एक राजनेता ही नहीं, बल्कि विचारों के महान शिल्पकार भी थे। 25 दिसंबर को हर साल उनकी जयंती मनाई जाती है। अटल जी राजनीति में रहते हुए भी साहित्य, कविता और भाषा की गरिमा को हमेशा जीवित रखते थे। उनके शब्दों में सादगी थी, लेकिन असर गहरा होता था। यही वजह है कि आज भी उनके विचार युवाओं को प्रेरणा देते हैं।
शिक्षा और भाषा पर अटल जी की गहरी सोच
अटल बिहारी वाजपेयी का मानना था कि अशिक्षा और गरीबी का गहरा रिश्ता है। उन्होंने हमेशा कहा कि शिक्षा का माध्यम मातृभाषा होनी चाहिए, ताकि ज्ञान हर व्यक्ति तक पहुंचे। उनका यह विचार आज भी उतना ही प्रासंगिक है, क्योंकि अपनी भाषा में पढ़कर ही इंसान सही मायने में समझ विकसित कर पाता है।
अनमोल विचार:
- “अशिक्षा और गरीबी का बहुत गहरा संबंध है।”
- “शिक्षा का माध्यम मातृभाषा होना चाहिए।”
जीवन और समाज को देखने का उनका नजरिया
अटल जी जीवन को टुकड़ों में नहीं, बल्कि एक संपूर्ण इकाई के रूप में देखते थे। उनका मानना था कि समाज सेवा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की भी बड़ी भूमिका होती है।
अनमोल विचार:
- “जीवन को खंडों में नहीं, उसकी संपूर्णता में देखना चाहिए।”
- “सेवा का काम केवल सरकार से नहीं हो सकता।”
साहित्य और राजनीति का अनोखा संगम
अटल बिहारी वाजपेयी उन गिने-चुने नेताओं में थे जो राजनीति और साहित्य – दोनों को साथ लेकर चले। उनका कहना था कि साहित्य और राजनीति अलग-अलग खाने नहीं हैं। उनके काव्य भाव से भरे विचार दिल को छू जाते हैं।
अनमोल विचार:
- “साहित्य और राजनीति के अलग-अलग खांचे नहीं होते।”
- “कुछ लोग राजनीति और साहित्य – दोनों को समय देते हैं, वे प्रशंसनीय हैं।”
राष्ट्र और एकता पर अटल जी के विचार
अटल जी के लिए राष्ट्र केवल लोगों का समूह नहीं, बल्कि एक जीवंत चेतना था। वे मानते थे कि जब तक भारतीय भाषाओं को उनका सम्मान नहीं मिलेगा, तब तक सच्ची राष्ट्रीय एकता संभव नहीं है।
अनमोल विचार:
- “राष्ट्र केवल समुदायों का समूह नहीं, बल्कि एक जीवंत इकाई है।”
- “भारतीय भाषाओं को सम्मान मिलने से ही सच्ची राष्ट्रीय एकता बनेगी।”
क्यों आज भी प्रासंगिक हैं अटल जी के विचार?
अटल बिहारी वाजपेयी के विचार आज भी उतने ही जीवंत हैं, जितने उनके समय में थे। शिक्षा, भाषा, राष्ट्र, समाज और मानवीय संवेदनाओं पर उनके विचार हर पीढ़ी को सही दिशा दिखाते हैं। उनकी जयंती पर उनके अनमोल वचन हमें बेहतर इंसान और जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देते हैं।





