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नगर पालिका परिषद आमला: भीषण जलसंकट के कारण बारिश के मौसम में भी नागरिकों का जीना मुहाल”

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खबरवाणी

नगर पालिका परिषद आमला: भीषण जलसंकट के कारण बारिश के मौसम में भी नागरिकों का जीना मुहाल”

 

आमला: भारी बारिश के बावजूद भीषण जलसंकट के कारण नागरिकों में आक्रोश

आमला नगर पालिका परिषद की जल वितरण व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। यह भीषण जलसंकट ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में भारी बारिश हो रही है। गर्मियों के मौसम में, जब 3-4 दिनों में जल आपूर्ति की जाती थी, तो शहरवासियों ने जलकर का भुगतान कर व्यवस्था को सहर्ष स्वीकार किया था, लेकिन अब बरसात के सक्रिय मौसम में भी वार्डों में पानी का संकट गहरा गया है, जिससे निवासियों का गुस्सा फूट पड़ा है।

 

पार्षदों ने अध्यक्ष और सीएमओ के सामने रखी समस्याएं।

 

मौके पर मौजूद नगर पालिका अध्यक्ष नितिन गाडरे और मुख्य नगर पालिका अधिकारी नितिन बिंजवे को पार्षदों ने समस्याओं से अवगत कराया। पार्षद दीक्षा मयूर सुरजेकर ने बताया कि जलवर्धन योजना के तहत वार्ड में बिछाई गई पाइपलाइन से पर्याप्त जलापूर्ति नहीं हो रही है। नलों में पानी का प्रेशर बहुत कम है और वाल्वमैन द्वारा वितरण में लापरवाही बरती जा रही है, जिसके कारण बारिश में भी लोग जल संकट से जूझ रहे हैं। वहीं, पार्षद सुधीर आम्बाडकर ने नाराजगी जताते हुए कहा कि शास्त्री वार्ड में पिछले 15 दिनों से पेयजल व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित है। बार-बार शिकायत के बावजूद जलवर्धन शाखा द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जिससे रहवासियों को भारी परेशानी हो रही है।

 

पार्षदों की अगुवाई में नपा कार्यालय का घेराव।

 

मंगलवार को संत विनोबा वार्ड क्रमांक 4 की पार्षद दीक्षा मयूर सुरजेकर एवं शास्त्री वार्ड क्रमांक 3 के पार्षद सुधीर आम्बाडकर की अगुवाई में बड़ी संख्या में रहवासियों ने नगर पालिका कार्यालय पहुंचकर घेराव किया।

आंदोलन की चेतावनी

दोनों पार्षदों ने नगर पालिका प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पेयजल व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। उनकी मांग है कि जल आपूर्ति सुचारू की जाए और वाल्वमैन की लापरवाही की जांच कर कार्रवाई की जाए।

यह आमला में पानी की कमी और नगर पालिका परिषद की विफलता को उजागर करती है। बारिश के बावजूद पानी का संकट गंभीर स्थिति है, जो सिस्टम की खराब योजना और क्रियान्वयन को दर्शाता है। पार्षदों की अगुवाई में घेराव और आंदोलन की चेतावनी से पता चलता है कि नागरिक अब चुप नहीं बैठेंगे।

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