दुनिया इस समय कई युद्धों की आग में झुलस रही है। रूस-यूक्रेन युद्ध, इज़राइल-हमास संघर्ष और अन्य विवादों ने वैश्विक हालात को और गंभीर बना दिया है। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के बयानों ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है।
अमेरिका का भारत पर आरोप
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा है कि भारत रूस के साथ तेल और गैस का व्यापार कर रहा है। उनका दावा है कि इस व्यापार से रूस को आर्थिक मदद मिल रही है, जिसका इस्तेमाल वह यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में कर रहा है। राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि इस युद्ध से अब तक बड़ी संख्या में लोगों की मौत हो चुकी है।
डोनाल्ड ट्रंप का चीन और NATO पर हमला
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी चीन और नाटो देशों पर इसी तरह के आरोप लगाए हैं। ट्रंप का कहना है कि कई बड़े देश सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से रूस को आर्थिक ताकत दे रहे हैं, जिससे युद्ध और लंबा खिंच रहा है।
मेलोनी का बड़ा बयान – भारत निभा सकता है अहम भूमिका
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने कहा कि भारत दुनिया में शांति स्थापित करने में अहम भूमिका निभा सकता है। उन्होंने माना कि भारत जैसे बड़े लोकतांत्रिक और विकासशील देश का प्रभाव बढ़ रहा है, और ऐसे में वह वैश्विक स्तर पर युद्धों को रोकने में मध्यस्थ की भूमिका निभा सकता है।
फिलिस्तीन को लेकर मेलोनी का रुख
फिलिस्तीन मुद्दे पर मेलोनी ने साफ कर दिया है कि उनकी सरकार फिलहाल फिलिस्तीन को स्वतंत्र राष्ट्र का दर्जा देने के पक्ष में नहीं है। उन्होंने कहा कि जब तक हमास बंधकों को रिहा नहीं करता और हिंसा छोड़कर पीछे नहीं हटता, तब तक इटली इस तरह के कदम का समर्थन नहीं करेगा।
फिलिस्तीन समर्थकों का प्रदर्शन
मेलोनी के इस बयान के बाद कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। प्रदर्शनकारियों ने कई शहरों में तोड़फोड़ की और सोशल मीडिया पर इसके वीडियो भी वायरल हो गए। इटली सरकार का मानना है कि फिलहाल प्राथमिकता आतंकवाद और हिंसा रोकने की होनी चाहिए।





