टेक दिग्गज Amazon में काम करने वाले लाखों कर्मचारियों की धड़कनें इस वक्त तेज हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी इस हफ्ते करीब 16,000 कर्मचारियों की छंटनी करने जा रही है। इससे पहले Amazon ने कुल 30,000 लोगों को निकालने का ऐलान किया था, जिसमें से 14,000 कर्मचारियों की नौकरी पिछले साल जा चुकी है। अब बचे हुए 16,000 कर्मचारियों पर गाज गिरने वाली है। यह छंटनी कंपनी के बड़े स्तर पर चल रहे रीस्ट्रक्चरिंग प्लान का हिस्सा बताई जा रही है।
भारत पर क्यों पड़ेगा ज्यादा असर
इस बार की छंटनी का असर भारत में ज्यादा देखने को मिल सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, Amazon के भारत स्थित बड़े ऑफिस जैसे बेंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं। खासकर AWS, Prime Video और Retail Operations से जुड़ी टीमें खतरे के दायरे में हैं। भारत में Amazon का बड़ा टेक और सपोर्ट वर्कफोर्स है, इसलिए यहां असर गहरा पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
आखिर क्यों कर रही है Amazon छंटनी
Amazon के CEO एंडी जैसी ने छंटनी की दो बड़ी वजहें बताई हैं। पहली वजह है जरूरत से ज्यादा मैनेजमेंट लेयर्स। कोविड के समय हुई ताबड़तोड़ भर्तियों के कारण कंपनी में फैसले लेने की प्रक्रिया धीमी हो गई थी। अब Amazon इस सिस्टम को हल्का और तेज बनाना चाहती है। दूसरी वजह है कंपनी का रीस्ट्रक्चरिंग प्लान, जिसकी शुरुआत 2025 के आखिर में हुई थी। इसके तहत कुल 30,000 कॉर्पोरेट नौकरियां खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है।
किन कर्मचारियों पर सबसे ज्यादा खतरा
इस छंटनी में सबसे ज्यादा खतरा व्हाइट कॉलर यानी ऑफिस में काम करने वाले कर्मचारियों को है। टेक, मैनेजमेंट, प्रोडक्ट और सपोर्ट रोल्स इसमें शामिल हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि वेयरहाउस, डिलीवरी और फुलफिलमेंट सेंटर में काम करने वाले कर्मचारियों की नौकरियां फिलहाल सुरक्षित मानी जा रही हैं। यानी ग्राउंड लेवल स्टाफ पर अभी असर नहीं पड़ेगा।
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अगले 48 घंटे क्यों हैं बेहद अहम
कर्मचारी फोरम और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 28 या 29 जनवरी से प्रभावित कर्मचारियों को ईमेल मिलना शुरू हो सकता है। ऐसे में अगले 48 घंटे Amazon कर्मचारियों के लिए बेहद तनावपूर्ण रहने वाले हैं। हालांकि कंपनी आमतौर पर छंटनी के बाद 90 दिन की सैलरी, सेवरेंस पैकेज और जॉब सर्च सपोर्ट देती है, जिससे कर्मचारियों को नई नौकरी ढूंढने का समय मिल सके।





