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मुरूम का कथित अवैध परिवहन, नियमों की अनदेखी पर उठे सवाल
बुरहानपुर। शहर के रेणुका क्षेत्र में मुरूम के कथित अवैध उत्खनन और परिवहन को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सूत्रों के अनुसार निजी प्लांट से मुरूम निकालकर उसे कॉलोनियों तक पहुंचाया जा रहा है, जबकि इस पूरे कार्य में न तो वैध अनुमति दिखाई दे रही है और न ही रॉयल्टी भुगतान से संबंधित कोई स्पष्ट जानकारी सामने आ रही है।
सूत्रों का दावा है कि मुरूम की खुदाई पोकलेन मशीन की मदद से की जा रही है और परिवहन के लिए छह पहिया वाहनों का उपयोग हो रहा है। यह गतिविधियां अधिकतर सुबह तड़के और रात के अंधेरे में की जा रही हैं, जिससे संदेह और गहराता जा रहा है।
बिना नंबर वाहनों से परिवहन
मुरूम ढोने वाले कई वाहनों पर वाहन नंबर स्पष्ट नहीं होते, जिससे यह आशंका और मजबूत होती है कि नियमों से बचने का प्रयास किया जा रहा है। नियमों के अनुसार खनिज परिवहन के लिए वाहन पंजीकरण, रॉयल्टी रसीद, ट्रांजिट पास और संबंधित विभाग की अनुमति अनिवार्य होती है।हालांकि, क्षेत्र में चल रहे इस कथित कारोबार में इन दस्तावेजों की सार्वजनिक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। न की बात सामने आई है।
निजी प्लांट से कॉलोनी तक मुरूम
सूत्रों के मुताबिक मुरूम एक निजी प्लांट से उठाकर सीधे दूसरी नवनिर्मित कॉलोनियों में पहुंचाया जा रहा है। यदि यह कार्य वैध है, तो फिर सवाल उठता है कि इसकी अनुमति, आदेश और रॉयल्टी विवरण सार्वजनिक क्यों नहीं किए गए। है यदि सब कुछ नियमों के अनुसार है, तो फिर काम को छिपाकर या रात के समय करने की आवश्यकता क्यों पड़ रही है।अधिकारियों को गुमराह करने ते मुरूम माफिया के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि वे जिम्मेदार अधिकारियों को भी गुमराह करने से नहीं डर रहे। बिना स्पष्ट आदेश और परमिशन के इतने बड़े पैमाने पर उत्खनन और परिवहन होना अधिकारी निगरानी पर सवाल खड़े करता है।





