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अहिरावण ने लगाया मॉं काली दरबार , हनुमान जी ने सुक्ष्मरूप धारण कर किया अहिरावण वध
मुलताई। नगर में गांधी चौक में आयोजित श्रीरामलीला में बुधवार अहिरावण वध की सुदंर लीला मा मंचन किया गया । रावण अपने पुत्र मेघनाथ के वध के बाद अपने दूसरे पुत्र अहिरावण जो पाताल लोक का राजा था, उसको युद्व के लिए बुलाता है। अहिरावण अपनी माया से विभीषण का रूप धारण कर श्रीराम दल में प्रवेश कर श्रीराम एवं भ्राता लक्ष्मण जी का अपहरण कर पाताल लोक ले जाता है। जब इसकी जानकारी हनुमान जी को मिलती है तो हनुमान जी अहिरावण का पीछा करते हुए पाताल लोक पहुच जाते है। जहां उनकी भेंट अपने पुत्र मकरध्वज से होती है जो कि हनुमान जी को अपनी उत्पत्ति कैसे हुई यह बताता है । वही मकरध्वज जो कि अहिरावण के लोक द्वारपाल था । दोनो के मध्य युद्व होता है जिसमें हनुमान जी अपने पुत्र को पराजित कर अपनी सिद्वी का उपयोग करते हुए अपना सुक्ष्मरूप धारण कर लेते है।इस दौरान अहिरावण पाताल लोक में मॉं काली का दरबार सजाता है तथा दोनो दशरथ नंदनों की बलि देने की योजना बनाता है। सुक्ष्मरूप धारण कर हनुमान जी दरबार में पहुच कर अहिरावण का वध कर दोनो भ्राताओं को अहिरावण के चंगुल से छुडा लाते है। श्रीरामलीला में अहिरावण का किरदार मनीष चंदेल, मॉं काली का शेषु भैया, श्रीराम का राहुल शर्मा, भ्राता लक्ष्मण अमृत त्रिवेदी, हनुमान जी का पुराणत्क शर्मा, मकरध्वज का आदिश्वर शर्मा, विभीषण जी का निर्मल मिश्रा द्वारा निभाया गया । वही सुंदर चौपाईयों का वाचन व्यास गददी पर बंटी मिश्रा द्वारा किया गया ।





