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रानीपुर पंचायत में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा उपसरपंच और पंचों ने खोला मोर्चा, कलेक्टर से की शिकायत

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खबरवाणी

रानीपुर पंचायत में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा उपसरपंच और पंचों ने खोला मोर्चा, कलेक्टर से की शिकायत

फर्जी बिलिंग का खेल 7 लाख की सड़क निर्माण में सामग्री का फर्जीवाड़ा और स्ट्रीट लाइट के नाम पर राशि डकारने के गंभीर आरोप; सचिव और सरपंच पति के गठजोड़ पर उठे सवाल

रानीपुर
घोड़ाडोंगरी जनपद के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत रानीपुर में इन दिनों घमासान मचा हुआ है। पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर कागजी घोड़े दौड़ाकर सरकारी खजाने को चपत लगाने का मामला गरमा गया है। ग्राम पंचायत की प्रभारी सचिव चंद्रकला इरुपाचे और सरपंच इंदिरा पति पूर्ण धुर्वे के खिलाफ खुद पंचायत के ही जनप्रतिनिधियों ने बगावत कर दी है। उपसरपंच धीरेंद्र सिंह ठाकुर और अन्य पंचों ने कलेक्टर व अपर कलेक्टर को लिखित शिकायत सौंपकर पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच और दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।

सीसी रोड निर्माण में ‘पक्का’ खेल, मटेरियल के नाम पर लाखों का गबन

उपसरपंच धीरेंद्र सिंह ठाकुर ने सीधा आरोप लगाया है कि रानीपुर थाने से लेकर पंचायत भवन तक बनाई गई सीसी रोड, जिसकी लागत 6 लाख 99 हजार रुपये है, उसमें भारी भ्रष्टाचार हुआ है। उपसरपंच के अनुसार
​वास्तविक उपयोग: निर्माण में 510 बैग सीमेंट, 9 डंपर व 1 ट्रॉली गिट्टी और 36 ट्रॉली रेत का उपयोग किया गया।
​फर्जीवाड़ा सचिव और सरपंच पति ने मिलीभगत कर बाजार दर से कहीं अधिक और मात्रा में ज्यादा सामग्री के फर्जी बिल लगाकर राशि आहरण कर ली।
पंच भूपेंद्र बिलगैयां ने भी पुष्टि की है कि मौके पर लगी सामग्री और कागजों में दर्शाई गई सामग्री के बीच बड़ा अंतर है, जो सीधे तौर पर गबन की श्रेणी में आता है।
​उजाले के नाम पर अंधेरगर्दी 15 लाइटों के बिल पर लगीं सिर्फ 4
​भ्रष्टाचार का यह सिलसिला सिर्फ सड़क तक सीमित नहीं रहा। दीपावली के पर्व पर गांव को रोशन करने के नाम पर भी सरकारी राशि का दुरुपयोग किया गया। शिकायत के अनुसार

​सचिव द्वारा 15 स्ट्रीट लाइट खरीदने का फर्जी बिल लगाया गया।

गांव में धरातल पर मात्र 4 लाइटें ही लगाई गईं।
​शेष 11 लाइटों की राशि (15,950 रुपये) का बिना कार्य किए ही अवैध तरीके से आहरण कर लिया गया।
​जनप्रतिनिधियों के तीखे तेवर: जांच नहीं हुई तो करेंगे आंदोलन
​पंचायत सचिव और सरपंच के इस मनमाने रवैये से पंचों में खासा आक्रोश है। उपसरपंच और पंचों का कहना है कि वे जनता के पैसे की बंदरबांट नहीं होने देंगे। जिला पंचायत सीईओ को सौंपी गई शिकायत में स्पष्ट कहा गया है कि यदि इस मामले में जल्द निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर एफआईआर दर्ज नहीं की गई, तो ग्रामीण और जनप्रतिनिधि उग्र प्रदर्शन को बाध्य होंगे

इनका कहना है

सड़क निर्माण और स्ट्रीट लाइट के नाम पर पंचायत में जमकर भ्रष्टाचार हुआ है। हमने प्रमाण के साथ कलेक्टर महोदय को शिकायत की है। प्रभारी सचिव चंद्रकला का रिकॉर्ड शुरू से विवादित है चाहें वहा जिस भी पंचायत मैं रहीं हो पूर्व हीरापुर पंचायत से वित्ती मामले में सस्पेंड भी हो चुकी है उसके बाद भी उसे दो पंचायत की जिम्मेदारी दिया गया जो कि कहीं ना कहीं बड़े भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है , ग्राम पंचायत के पंचों की मांग है कि सचिव को यहां से हटाया जाए
धीरेंद्र सिंह ठाकुर, उपसरपंच, ग्राम पंचायत रानीपुर

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