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ITR Filing Rules 2026: इनकम टैक्स रिटर्न के नियम बदले, सैलरी वालों से लेकर बिजनेस वालों तक सबको रखना होगा खास ध्यान

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ITR Filing Rules 2026: अगर आप हर साल इनकम टैक्स रिटर्न यानी ITR फाइल करते हैं, तो इस बार थोड़ा ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। Income Tax Department ने असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए नए ITR फॉर्म जारी कर दिए हैं। सरकार ने इस बार टैक्स चोरी रोकने और सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कई नियम सख्त कर दिए हैं। अब सैलरी वाले हों, शेयर मार्केट में पैसा लगाने वाले हों या छोटा बिजनेस चलाने वाले—सबको ज्यादा जानकारी देनी पड़ेगी।

ITR-1 में घर खरीदने वालों को बड़ी राहत

ITR-1 यानी सहज फॉर्म अब पहले से ज्यादा आसान बना दिया गया है। जिन लोगों की सालाना कमाई 50 लाख रुपये तक है, वे अब दो घरों से होने वाली इनकम भी इसी फॉर्म में दिखा सकते हैं। पहले इसके लिए अलग झंझट होता था। साथ ही अब 1.25 लाख रुपये तक का Long Term Capital Gain (LTCG) भी इसी फॉर्म में भरा जा सकेगा। मतलब नौकरीपेशा लोगों और छोटे निवेशकों के लिए थोड़ा राहत वाला मामला है।

ITR-2 में Crypto और Foreign Assets पर सरकार की कड़ी नजर

अगर आप शेयर मार्केट, क्रिप्टो या विदेशी संपत्ति में निवेश करते हैं, तो इस बार ज्यादा सावधान रहिए। ITR-2 में अब विदेशी इनकम, विदेशी संपत्ति और Cryptocurrency की पूरी डिटेल देना जरूरी होगा। सरकार अब हर छोटी-बड़ी जानकारी ट्रैक करना चाहती है। हालांकि पूंजीगत लाभ को 23 जुलाई 2024 से पहले और बाद में अलग-अलग दिखाने की जरूरत खत्म कर दी गई है, जिससे थोड़ी राहत जरूर मिली है।

ट्रेडर्स और F&O वालों की बढ़ी टेंशन

जो लोग Intraday Trading या F&O ट्रेडिंग करते हैं, उनके लिए इस बार मामला थोड़ा टाइट हो गया है। अब आपके द्वारा दी गई जानकारी को सीधे AIS और GST टर्नओवर से मैच किया जाएगा। जरा सी गड़बड़ी हुई तो तुरंत नोटिस आ सकता है। छोटे व्यापारियों और फ्रीलांसरों के लिए ITR-4 में कुछ मामलों में बैंक बैलेंस की जानकारी देना भी जरूरी कर दिया गया है। यानी “जितनी कमाई, उतना साफ हिसाब” वाला नियम अब पूरी तरह लागू होता दिख रहा है।

कौन सा ITR फॉर्म किसके लिए?

ITR-1 उन लोगों के लिए है जिनकी कमाई 50 लाख तक है और इनकम सैलरी, पेंशन या घर से आती है। ITR-2 उन लोगों के लिए है जिनकी इनकम 50 लाख से ज्यादा है या जिनके पास Capital Gain और Foreign Assets हैं। बिजनेस करने वाले, प्रोफेशनल और शेयर मार्केट ट्रेडर्स के लिए ITR-3 लागू होगा। वहीं छोटे व्यापारी और Presumptive Taxation चुनने वाले लोग ITR-4 भरेंगे।

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टैक्स स्लैब में बदलाव नहीं, लेकिन नियम हुए सख्त

सरकार ने पुराने और नए टैक्स रिजीम के स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया है। लेकिन ITR फाइलिंग के नियम पहले से ज्यादा सख्त कर दिए गए हैं। सरकार का मकसद साफ है—टैक्स सिस्टम को आसान बनाना और टैक्स चोरी पर लगाम कसना। ऐसे में इस बार ITR भरते समय “जल्दीबाजी नहीं, पूरी तैयारी” वाली रणनीति अपनाना ही समझदारी होगी।

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