बिहार की राजनीति में इस समय काफी हलचल देखने को मिल रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार का कैबिनेट विस्तार 7 मई को होने जा रहा है। इस बड़े कार्यक्रम का आयोजन पटना के गांधी मैदान में किया जाएगा, जहां शपथ ग्रहण समारोह की पूरी तैयारी जोरों पर चल रही है। इस विस्तार को आने वाले चुनावों के नजरिए से भी काफी अहम माना जा रहा है।
50-50 फॉर्मूला से होगा सत्ता का बंटवारा
इस बार बिहार में सत्ता का खेल 50-50 फॉर्मूला पर चलने वाला है। मतलब साफ है कि एनडीए के सभी घटक दलों को बराबर हिस्सेदारी देने की कोशिश की जा रही है। देसी भाषा में कहें तो “सबको साथ लेकर चलने” वाला फॉर्मूला अपनाया गया है ताकि किसी को भी नाराजगी ना हो और गठबंधन मजबूत बना रहे।
किस पार्टी को कितने मंत्री पद मिलेंगे?
सूत्रों की मानें तो मंत्री पदों का बंटवारा लगभग तय हो चुका है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) को 12 मंत्री पद मिल सकते हैं, जबकि जनता दल (यूनाइटेड) यानी JDU के खाते में 11 सीटें जाएंगी। वहीं, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 2 मंत्री पद मिल सकते हैं। इसके अलावा हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) को एक-एक मंत्री पद मिलने की संभावना है। यानी कुल मिलाकर पूरा समीकरण सेट कर लिया गया है।
बड़े नेताओं की मौजूदगी से बढ़ेगा इवेंट का रंग
इस शपथ ग्रहण समारोह को खास बनाने के लिए देश के बड़े नेता भी शामिल हो सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के आने की संभावना जताई जा रही है। अगर ऐसा होता है तो ये इवेंट और भी ज्यादा हाई-प्रोफाइल बन जाएगा। राजनीतिक नजरिए से भी ये काफी बड़ा संकेत माना जा रहा है।
पहले क्या हुआ था और अब क्या होगा?
आपको बता दें कि 15 अप्रैल को सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, उनके साथ जेडीयू के विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव ने भी मंत्री पद संभाला था। लेकिन इसके बाद से 33 मंत्री पद खाली पड़े थे, जिससे सरकार अधूरी लग रही थी। अब 7 मई को होने वाला ये विस्तार उस अधूरेपन को पूरा करेगा और सरकार पूरी तरह से एक्शन मोड में आ जाएगी।
इस पूरे घटनाक्रम को देखकर इतना तो साफ है कि बिहार की राजनीति में आने वाले दिनों में काफी तगड़ी हलचल देखने को मिलेगी।
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