Search ई-पेपर ई-पेपर WhatsApp

प्रशासन की अनदेखी: शिकायत के 25 दिन बाद भी फाइलों से नहीं हटी धूल, सीईओ ने साधी चुप्पी

By
On:

खबरवाणी

प्रशासन की अनदेखी: शिकायत के 25 दिन बाद भी फाइलों से नहीं हटी धूल, सीईओ ने साधी चुप्पी

आमला। भ्रष्टाचार की हद: बर्तन की दुकान से खरीदे सीसीटीवी और कंप्यूटर, सचिव ने एक ही दिन में डकारे हजारों रुपए

आमला। जनपद पंचायत आमला के अंतर्गत ग्राम पंचायत जमदेहीकला और अंबाड़ा में भ्रष्टाचार का एक अनोखा और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ पदस्थ सचिव रूशीलाल यादव ने नियमों को ताक पर रखकर पद का दुरुपयोग करते हुए फर्जी बिलों के माध्यम से सरकारी राशि का आहरण कर लिया। भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा यह है कि जिस दुकान के बिल लगाए गए हैं, वह बर्तनों की दुकान है, लेकिन कागजों में वहाँ से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण खरीदना दिखाया गया है। इस मामले की लिखित शिकायत हुए 25 दिन बीत चुके हैं, लेकिन प्रशासन अब तक गहरी नींद में सोया हुआ है।

पंचायतों बिलों के पूर्ण सत्यापन न होने से सरपंच सचिव के हौसले बुलंद

जनपद पंचायत आमला द्वारा ग्राम पंचायत में लगने वाले बिलों के की संबंध में विभागीय अधिकारियों द्वारा सत्यापन न किए जाने से ग्राम पंचायत के हौसले बुलंद नजर आ रहे है, जिससे ग्राम पंचायत सरपंच सचिव अपनी मनमर्जी से फर्जी बिल तैयार कर पंचायत के पोर्टल पर लगाकर राशि का आहरण कर रहे हैं एवं शासन को विकास कार्यों के नाम पर स्वीकृत राशि दीमक की तरह भ्रष्टाचार किया जा रहा है।

पंचायत दर्पण ने खोली पोल, अधिकारियों ने साधी चुप्पी

पंचायत दर्पण पोर्टल पर अपलोड किए गए दस्तावेजों ने सचिव की कारस्तानी की पोल खोल दी है। सचिव ने ‘कटारिया एंटरप्राइजेस’ नामक दुकान के बिल पोर्टल पर लगाए हैं। क्षेत्र में यह दुकान घरेलू रसोई सामग्री (बर्तन) बेचने के लिए मशहूर है। लेकिन सचिव ने साठगांठ कर इसी दुकान के नाम पर सीसीटीवी कैमरा सेटअप, डीवीआर, हार्ड डिस्क और एलईडी स्क्रीन जैसे तकनीकी उपकरणों के फर्जी बिल तैयार करवाए। 25 अक्टूबर 2025 को सचिव ने अपनी मुख्य पंचायत (जमदेहीकला) से 32,170 रुपए और अतिरिक्त प्रभार वाली पंचायत (अंबाड़ा) से 25,410 रुपए, यानी कुल 57,580 रुपए का आहरण कर लिया।

फर्जी बिल की स्पष्ट बिलों में ही नजर आ रही है

फर्जी बिलों की स्पष्ट रूप से बिलों पर लिखी सामग्रियों दिलों की पुष्टि कर रहे हैं कि बिल पूर्ण रूप से ग्राम पंचायत सचिव द्वारा फर्जी तरीके से बनाकर लगाया गया है क्योंकि पूरे क्षेत्र में कटारिया इंटरप्राइजेज अपने घर घरेलू उपयोग सामग्री बेचने के लिए मशहूर है लेकिन पंचायत द्वारा बिलों में दर्शी गई सामग्री इलेक्ट्रॉनिक आइटम टेक्नोलॉजी जुड़ी सामग्री सीसीटीवी कैमरा सेटअप,डीवीआर, हार्ड डिस्क, एलईडी स्क्रीन आदि दर्शी गई है जो की सचिव द्वारा मुख्य पंचायत में 32,170 रुपए एवं अतिरिक्त प्रभार वाली पंचायत में 25410 रुपए का बिल लगाया गया है दोनों बिलों में लगभग एक दिन लगाए गए हैं

इनका कहना है
जनपद पंचायत सीईओ आमला
पंकज दरोथिया
जानकारी पूछने पर समाचार का प्रकाशन न किए जाने का निवेदन करते नजर आए

For Feedback - feedback@example.com
Home Icon Home E-Paper Icon E-Paper Facebook Icon Facebook Google News Icon Google News