खबरवाणी
निजी स्कूलों मे भी कक्षा 1 से 8 तक एनसीईआरटी पाठ्यक्रम अनिवार्य रूप से लागू हो
ग्राहक पंचायत ने सौपा ज्ञापन
मुलताई। बैतूल जिले के निजी स्कूलों मे कक्षा 1 से 8 तक में अलग अलग पाठ्यक्रम से अध्ययन कराया जा रहा है,निजी स्कूलों के संचालक अपने अपने विवेकानुसार व मनमर्जी से पाठ्यक्रम का चयन कर अन्य पुस्तको से अध्यापन कराते है और ये पुस्तके एक निश्चित दुकान पर ही उपलब्ध होती है। अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत ने शासन के निर्देशानुसार एनसीईआरटी पाठ्यक्रम को अनिवार्य रूप से निजी स्कूलों में लागू कराने की मांग की है।ज्ञापन मे बताया निजी स्कूलों द्वारा पढ़ाए जा रहे पाठ्यक्रम की पुस्तके कम से कम 5 दुकानों पर मिले एवं पालको को पुस्तक कापियों के बिल आवश्यक रूप से प्रदान किए जाए।
वहीं आरटीई के तहत निःशुल्क प्रवेश प्राप्त करने वाले बच्चे जो प्रायवेट स्कूलों में चयन के दौरान अध्ययन कर रहे है आर्थिक रूप से सक्षम न होने से स्कूल प्रशासन उन्हे निःशुल्क पुस्तके व कापिया एवं बेग उपलब्ध करवायें। शासन की मंशा भी उन्हे मुख्य धारा में लाने की है, उनका किसी प्रकार से आर्थिक शोषण न हो। आरटीई अन्तर्गत जिन बच्चों का निजी स्कूल में चयन होता है व ऐसे बच्चे जो नगरीय सीमा से बाहर के है जिससे बच्चों को स्कूल आने में आवागमन में परेशानी होगी ऐसे बच्चों को निःशुल्क बस की सुविधा प्रदान की जावए जिससे पालको पर आर्थिक बोझ उत्पन्न न हो। स्कूल द्वारा चयनित पुस्तको का मुल्य अधिकतम न हो इसकी जाँच भी शासन से हो। जिसकी निगरानी बीआरसी द्वारा की जाए।





