United States और Iran के बीच ये भीषण युद्ध 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ। शुरुआत में मामला सिर्फ तनाव तक था, लेकिन धीरे-धीरे ये फुल-स्केल वॉर में बदल गया। “छोटी चिंगारी ने बड़ा धमाका कर दिया”
हॉर्मुज स्ट्रेट बंद – दुनिया भर में हाहाकार
12 मार्च को ईरान ने Strait of Hormuz को ब्लॉक कर दिया। इससे तेल सप्लाई रुक गई और ग्लोबल मार्केट में हड़कंप मच गया। अरबों डॉलर का नुकसान हुआ। “तेल रुका तो दुनिया की सांस अटक गई”
तेल ठिकानों पर हमले – एनर्जी क्राइसिस का खतरा
जंग के दौरान खार्ग आइलैंड और साउथ पार्स गैस फील्ड जैसे बड़े ठिकानों पर हमले हुए। Israel ने भी इस लड़ाई में एंट्री ली और कई टारगेट्स पर स्ट्राइक की। जवाब में ईरान ने कतर के LNG हब पर हमला किया। “ऊपर से मिसाइल, नीचे से आग—पूरा इलाका जल उठा”
नेताओं की मौत और हाई-टेक वॉर
17 मार्च को ईरान के बड़े नेता मारे गए, जिससे हालात और बिगड़ गए। 3 अप्रैल को ईरान ने अमेरिकी F-15E फाइटर जेट गिरा दिया—ये सबसे बड़ा झटका था। “टेक्नोलॉजी वाली जंग में भी जान का खतरा उतना ही बड़ा”
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ट्रंप की धमकी और अचानक सीजफायर
7 अप्रैल को Donald Trump ने ईरान को खत्म करने की धमकी दी, लेकिन अगले ही दिन 2 हफ्ते का सीजफायर घोषित कर दिया। इस फैसले से पूरी दुनिया ने राहत की सांस ली। “कल धमकी, आज शांति—पूरा गेम पलट गया”





