“ॐ नमः पार्वती पतये हर हर महादेव” मंत्र भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित एक अत्यंत शक्तिशाली मंत्र है।
ॐ – यह ब्रह्मांड का सर्वोच्च ध्वनि है।
नमः – प्रणाम या सम्मान।
पार्वती पतये – माता पार्वती के पति यानी भगवान शिव।
हर हर महादेव – महादेव की स्तुति और जयकार।
पूरा अर्थ: मैं माता पार्वती के पति, भगवान शिव को नमन करता हूँ और उनका जयकारा लगाता हूँ।
मंत्र का महत्व और Significance
यह मंत्र शिव और शक्ति (पार्वती) की एकता का प्रतीक माना जाता है।
देव-देवी की यह जोड़ी सम्पूर्णता और संतुलन का संदेश देती है। इसे जपने से न केवल आध्यात्मिक शक्ति मिलती है बल्कि मन और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
मंत्र जाप की विधि
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सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें।
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अपने घर के मंदिर या शिवलिंग के सामने घी का दीपक जलाएं।
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मन को एकाग्र कर माता पार्वती और भगवान शिव को ध्यान में लाएँ।
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रुद्राक्ष की माला लेकर “ॐ नमः पार्वती पतये हर हर महादेव” मंत्र 108 बार जपें।
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जाप के दौरान हुई भूलों के लिए क्षमा माँगें।
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अंत में आरती करना न भूलें।
मंत्र जाप के फायदे
इस मंत्र के नियमित जप से जीवन में कई लाभ होते हैं:
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नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
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आत्मिक और मानसिक विकास होता है।
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कठिनाइयों का सामना करने की शक्ति मिलती है।
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ध्यान और एकाग्रता बढ़ती है।
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आत्मविश्वास और साहस में वृद्धि होती है।
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भय और चिंता दूर होती है।
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मन शांत और स्थिर रहता है।
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पापों का नाश होता है।
मंत्र जप की संख्या
इस मंत्र का जप कम से कम 108 बार करना चाहिए।
अगर समय या अवसर कम हो तो इसे 1, 3, 7 या 11 बार भी जपा जा सकता है। नियमितता और भक्ति सबसे ज़रूरी है।
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