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शौर्य और स्वाभिमान के प्रतीक शिवाजी महाराज की जयंती मनाई गई
जिला अध्यक्ष सुधाकर पवार ने कहा,युवाओं को शिवाजी के साहस और राष्ट्रनिष्ठा से प्रेरणा लेने की जरूरत
भौंरा। साहस, शौर्य और स्वाभिमान के अमर प्रतीक छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती सोमवार को ग्राम भौंरा स्थित अतिथि भवन में गरिमामय वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत शिवाजी महाराज की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई। पूरा सभागार राष्ट्रभक्ति के भाव और ऐतिहासिक स्मरण से ओतप्रोत नजर आया। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष सुधाकर पवार, जिला महामंत्री कमलेश सिंह, डॉक्टर महेंद्र सिंह, जिला महामंत्री रश्मि साहू, जिला उपाध्यक्ष चाणक्य सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे। साथ ही भौंरा–विजादेही मंडल अध्यक्ष महेंद्र सिरोठिया, जय किशोर मिश्रा, राजेंद्र कवड़कर, अशोक नायक, सुरेंद्र यादव, मोहित अग्रवाल, दीपेंद्र राठौर, मोंटी खान, मुकेश राठौर, गोलू झड़बड़े और नन्नू सोलंकी ने भी सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने शिवाजी महाराज के जीवन, संघर्ष और दूरदर्शी नेतृत्व पर प्रकाश डाला।कहा गया कि विपरीत परिस्थितियों में स्वराज की स्थापना कर उन्होंने भारतीय इतिहास में अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया। उनके प्रशासनिक कौशल, सैन्य रणनीति और जनहितकारी दृष्टिकोण को आज भी आदर्श माना जाता है।
जिला अध्यक्ष सुधाकर पवार ने अपने संबोधन में कहा कि शिवाजी महाराज केवल एक पराक्रमी योद्धा ही नहीं, बल्कि कुशल प्रशासक और राष्ट्रनायक थे। उन्होंने स्वाभिमान और स्वराज की भावना को जन-जन तक पहुंचाया। आज आवश्यकता है कि युवा पीढ़ी उनके जीवन मूल्यों साहस, अनुशासन और राष्ट्रनिष्ठा को आत्मसात करे और समाज निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाए।
वहीं मंडल अध्यक्ष महेंद्र सिरोठिया ने कहा कि शिवाजी महाराज का जीवन संघर्ष और संगठन शक्ति का जीवंत उदाहरण है। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने जिस प्रकार सशक्त शासन व्यवस्था स्थापित की, वह आज भी प्रेरणास्रोत है। उनके आदर्शों पर चलकर ही राष्ट्र सशक्त और समृद्ध बन सकता है।
श्रद्धा, संकल्प और राष्ट्रभक्ति के वातावरण में कार्यक्रम का समापन हुआ, जहां उपस्थित जनों ने शिवाजी महाराज के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया।





