खबरवाणी
मध्य प्रदेश के भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं बैतूल विधायक श्री हेमंत खंडेलवाल जी के निजी निवास बैतूल के क्षेत्र में कानून धज्जियां उड़ा रहा है।
रिपोर्ट प्रदीप यादव भीमपुर
जिला अधिकारी कलेक्टर महोदय श्री नरेंद्र सिंह सूर्यवंशी एवं श्री बसंत कुमार बरखानिया तहसीलदार महोदय भीमपुर के द्वारा कानून का खुला उल्लंघन किया जा रहा है।
भारतीय संविधान आदिवासी समुदायों (अनुसूचित जनजातियों) को पांचवीं और छठी अनुसूची, अनुच्छेद 244, और 1996 के पेसा (PESA) कानून के माध्यम से विशेष सुरक्षा, जल-जंगल-जमीन पर अधिकार, और स्वशासन का अधिकार प्रदान करता है। इनका मुख्य उद्देश्य सांस्कृतिक संरक्षण, प्रशासनिक स्वायत्तता, और समानता सुनिश्चित करना है।
आदिवासियों के प्रमुख संवैधानिक अधिकार:
संवैधानिक प्रावधान (अनुच्छेद):
अनुच्छेद 244 & 5वीं/6ठी अनुसूची: यह विशेष आदिवासी क्षेत्रों में प्रशासन को आदिवासियों की जरूरतों के अनुसार चलाने का अधिकार देता है। पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत राज्यपाल ‘आदिवासी सलाहकार परिषद’ के माध्यम से कानूनों में बदलाव कर सकते हैं।
अनुच्छेद 342: राष्ट्रपति को विभिन्न जनजातियों को ‘अनुसूचित जनजाति’ के रूप में मान्यता देने का अधिकार देता है।
अनुच्छेद 46: राज्य को आदिवासियों के शैक्षिक और आर्थिक हितों को बढ़ावा देने का आदेश देता है।
अनुच्छेद 330 & 332: लोकसभा और विधानसभाओं में आदिवासियों के लिए सीटें आरक्षित करता है।
अनुच्छेद 15(4) & 16(4): शिक्षा और सरकारी नौकरियों में विशेष आरक्षण सुनिश्चित करता है
स्वशासन और संसाधन अधिकार:
पेसा कानून (PESA Act, 1996): यह कानून आदिवासी इलाकों की ग्राम सभाओं को प्रशासनिक और संसाधनों (जल, जंगल, जमीन) पर सर्वोच्च अधिकार देता है।
वन अधिकार अधिनियम 2006: वनों पर पारंपरिक अधिकारों और आजीविका की सुरक्षा करता है।
SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम 1989: आदिवासियों के खिलाफ भेदभाव और अपराध को रोकने के लिए विशेष कानून।
मुख्य उद्देश्य:
सांस्कृतिक और पारंपरिक प्रथाओं की सुरक्षा।
भूमि हस्तांतरण पर रोक ताकि उनकी जमीन गैर-आदिवासियों के पास न जाए। विकास योजनाओं में स्वशासन (Self-governance) सुनिश्चित करना
चुनौतियां:
वास्तविकता में इन संवैधानिक प्रावधानों के बावजूद, अक्सर आदिवासी इलाकों में ग्राम सभा की सलाह के बिना खनन, भूमि अधिग्रहण और विकास परियोजनाएं लागू की जाती हैं, जिससे अधिकारों का उल्लंघन होता है।
ग्राम वासियों द्वारा पैसा एक्ट समिति के माध्यम से ग्राम सभा का प्रस्ताव लिया गया था प्रस्ताव क्र 06/ दिनांक 01/01/2026 को ग्राम सभा द्वारा अनुमोदन किया गया था ।
विशेष ग्राम सभा में बैठक कर पांचों के माध्यम से प्रस्ताव पारित किया क्र 06/ दिनांक 01/01/2026 को अनुमोदन किया गया।
सामाजिक संगठन द्वारा विधिवत कानूनी प्रक्रिया करते हुए श्रीमान कलेक्टर महोदय जी को तहसीलदार महोदय द्वारा सूचनार्थ किया गया था लेकिन कलेक्टर महोदय जी द्वारा उचित कोई भी कानूनी कार्यवाही नहीं किया गया।
तहसीलदार कार्यालय भीमपुर ज्ञापन प्रेषण के संबंध में जावाक पत्र क्रमांक 48/2026 दिनांक 19/01/2026
जयस संगठन भीमपुर का पत्र दिनांक 16/01/26 को दिया गया अभी कोई कानूनी कार्यवाही नहीं किया गया।
जयस संगठन भीमपुर द्वारा अनुमति प्रदान करने के लिए दिया गया दिनांक 10/02/2026 लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही कानूनी कार्यवाही नहीं किया गया।
राजनीतिक दबाव के कारण नहीं हटा पर रहे अतिक्रमण सामान्य सभा की बैठक में उठाया जनपद सदस्य पप्पू काकोड़िया ने मुद्दा जिसको लेकर पटवारी ने प्रतिवेदन उचित कार्रवाई हेतु तहसीलदार को लेटर जारी करने के बाद भी नहीं कर पा रहे अतिक्रमण की कार्यवाही
समस्त सामाजिक संगठन कहना है कि वीरांगना रानी दुर्गावती जो सर्व समाज के लिए लड़ाई लड़ी थी ऐसे वीरांगना रानी दुर्गावती की मूर्ति हेतु अनुमति प्रदान नहीं करना महापुरुषों का अपमान है अनुमति नहीं दिया गया तो राष्ट्रीय स्तरीय आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगे ।





