Blinkit : दिल्ली में 10 मिनट डिलीवरी का दावा करने वाली कंपनी Blinkit अब गंभीर विवाद में घिर गई है। Delhi Police ने कंपनी के खिलाफ FIR दर्ज की है। आरोप है कि प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंधित बटन चाकू (स्विचब्लेड) बेचे जा रहे थे, जिनका इस्तेमाल हाल ही में हुए हत्या के मामलों में किया गया।
हत्या के आरोपियों ने किया चौंकाने वाला खुलासा
पश्चिमी दिल्ली के ख्याला इलाके में दो अलग-अलग मर्डर केस सामने आए थे। जब पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की, तो उन्होंने बताया कि वारदात में इस्तेमाल किए गए बटन चाकू Blinkit से खरीदे गए थे।
पहले तो पुलिस को इस बात पर यकीन नहीं हुआ। लेकिन जांच में मामला गंभीर होता गया और सच्चाई जानने के लिए पुलिस ने खुद कदम उठाया।
पुलिस ने ग्राहक बनकर बिछाया जाल
सच्चाई की पड़ताल के लिए पुलिस टीम ने आम ग्राहक बनकर ऐप के जरिए बटन चाकू ऑर्डर किए। चंद मिनटों में डिलीवरी हो गई, जिससे साफ हो गया कि प्लेटफॉर्म पर ऐसे प्रतिबंधित हथियार उपलब्ध हैं।
भारतीय कानून के मुताबिक बटन (स्विचब्लेड) चाकू की बिक्री अपराध की श्रेणी में आती है। इसके बाद पुलिस ने दिल्ली में Blinkit के कई स्टोर्स पर छापेमारी की।
छापेमारी में बरामद हुए दर्जनों चाकू
रेड के दौरान दर्जनों बटन चाकू बरामद किए गए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ एक-दो पीस का मामला नहीं, बल्कि बड़े स्तर पर बिक्री का शक है।
अब यह जांच की जा रही है कि ये चाकू कितने समय से बिक रहे थे और कितने लोगों ने इन्हें खरीदा। यह मामला ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़े कर रहा है।
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कंपनी को भेजा जाएगा नोटिस
Delhi Police ने कंपनी के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है और जल्द ही Blinkit मैनेजमेंट को आधिकारिक नोटिस भेजा जाएगा। पुलिस कंपनी से जवाब मांगेगी कि प्रतिबंधित सामान की बिक्री कैसे हो रही थी और इसकी निगरानी क्यों नहीं की गई।
यह पूरा मामला ऑनलाइन शॉपिंग और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म की जवाबदेही को लेकर बड़ा सवाल बन गया है। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर सख्त कार्रवाई हो सकती है।
फिलहाल, पुलिस की जांच जारी है और पूरे नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की गैरकानूनी बिक्री पर लगाम लगाई जा सके।





