Bangladesh Election 2026: बांग्लादेश की राजनीति में एक नाम इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा में है — Tarique Rahman। 2026 के बांग्लादेश चुनाव में भारी जीत के बाद अब माना जा रहा है कि वह देश की राजनीति के नए “कप्तान” बनने जा रहे हैं। वह मुख्य विपक्षी दल Bangladesh Nationalist Party (BNP) के प्रमुख नेता हैं और पूर्व प्रधानमंत्री Khaleda Zia के बेटे हैं। सियासी विरासत, सत्ता का अनुभव और विवाद—तीनों उनकी पहचान का हिस्सा रहे हैं।
राजनीतिक विरासत में मिली सियासत
तारिक रहमान का जन्म 20 नवंबर 1965 को ढाका में हुआ। उनके पिता Ziaur Rahman बांग्लादेश के राष्ट्रपति और सेना प्रमुख रह चुके थे। ऐसे परिवार में पले-बढ़े तारिक के लिए राजनीति कोई नई चीज नहीं थी। 1990 के दशक में उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा। साल 2001 में जब BNP की सरकार बनी, तो भले ही उन्होंने कोई बड़ा सरकारी पद नहीं संभाला, लेकिन पार्टी और सरकार में उनका प्रभाव साफ नजर आया।
2001 से 2006 का दौर और विवाद
तारिक रहमान का सबसे ज्यादा विवादित दौर 2001 से 2006 के बीच का माना जाता है। इस दौरान उन पर भ्रष्टाचार, सत्ता के दुरुपयोग और राजनीतिक हिंसा जैसे कई आरोप लगे। 2004 में अवामी लीग की रैली पर हुए ग्रेनेड हमले के मामले में भी उनका नाम सामने आया और बाद में उन्हें दोषी ठहराया गया। इसी वजह से उनकी छवि एक बेहद विवादित नेता की बन गई।
गिरफ्तारी, इलाज और लंदन में सियासत
2007 में बांग्लादेश में आपातकाल लगा, जिसके दौरान तारिक रहमान को गिरफ्तार किया गया। कई मामलों में मुकदमे चले। 2008 में वह स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर इलाज के लिए लंदन चले गए। तब से वह वहीं रहकर राजनीति कर रहे हैं। देश से बाहर रहकर भी उन्होंने पार्टी की कमान नहीं छोड़ी।
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निर्वासन में भी पार्टी के सबसे ताकतवर नेता
लंदन में रहते हुए भी तारिक रहमान BNP के सबसे प्रभावशाली नेता बने हुए हैं। ऑनलाइन मीटिंग, वीडियो संदेश और रणनीतिक निर्देशों के जरिए वह पार्टी को कंट्रोल करते हैं। उनके समर्थक उन्हें लोकतंत्र की बहाली का चेहरा मानते हैं, जबकि विरोधी उन्हें भ्रष्टाचार और हिंसा का जिम्मेदार ठहराते हैं। यही वजह है कि वह बांग्लादेश की राजनीति के सबसे चर्चित और विवादित नेताओं में गिने जाते हैं।





