आजकल Gen Z ने करियर की सोच पूरी तरह बदल दी है। पहले लोग सिर्फ अच्छा पैसावा, ऊँची पोस्ट और प्रमोशन के पीछे भागते थे। लेकिन अब युवा इसे सबसे जरूरी नहीं मानते। उनका मानना है कि सुकून, मानसिक शांति और खुद की खुशी ही असली सफलता है। मतलब अब काम सिर्फ जॉब नहीं, बल्कि लाइफ का हिस्सा होना चाहिए।
Gen Z का Success का नया मतलब
आज की नई पीढ़ी काम को केवल पैसों और पद के लिए नहीं देखती। उनके लिए असली सफलता का मतलब है – कम स्ट्रेस वाला काम, सही टाइम पर छुट्टी और खुद के लिए समय निकाल पाना। कई सर्वे में सामने आया है कि Gen Z लोग कम सैलरी में भी खुश हैं, अगर उनका काम मानसिक रूप से सुरक्षित और टाइम से पूरा होता हो। अब प्रमोशन और लंबे घंटे काम करने से उन्हें खुशी नहीं मिलती।
क्यों Gen Z आसानी से नौकरी छोड़ देता है
युवा जल्दी नौकरी छोड़ने या प्रमोशन ठुकराने के पीछे कई वजहें हैं:
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मेंटल हेल्थ की चिंता: ज्यादा टारगेट, स्ट्रेस और बर्नआउट से बचने के लिए लोग माइनस दबाव वाले काम पसंद करते हैं।
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वर्क-लाइफ बैलेंस: काम और निजी जीवन का बैलेंस बनाए रखना अब पहली प्राथमिकता है। काम के घंटे बढ़े तो सीधे “ना” कह देते हैं।
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भविष्य का डर: लेऑफ और महंगाई के कारण, नौकरी में सुरक्षा ज्यादा जरूरी है। केवल पद या सैलरी से कोई राहत नहीं मिलती।
फ्रीडम और फ्लेक्सिबिलिटी की चाह
अब Gen Z सिर्फ 9 से 5 की नौकरी तक सीमित नहीं रहना चाहता। वे फ्रीलांसिंग, पार्ट-टाइम या फ्लेक्सिबल जॉब्स की तरफ बढ़ रहे हैं। उनका मानना है कि खुश रहकर काम करना ज्यादा जरूरी है बजाय लगातार स्ट्रेस में रहने के।
कॉर्पोरेट कल्चर में बदलाव
IT, मीडिया, स्टार्टअप और कंसल्टिंग जैसे सेक्टर्स में ये बदलाव सबसे ज्यादा दिख रहा है। लंबे घंटे और तेज़ गति वाला काम अब युवाओं को आकर्षित नहीं करता। लोग अब सिर्फ बेसिक काम करना पसंद करते हैं और बिना फ्लेक्सिबिलिटी और सही पैकेज के प्रमोशन को ठुकरा देते हैं।
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